उत्तराखण्ड जल संस्थान, कर्मचारी संगठन ने मुख्य महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड जल संस्थान को मांगों के सम्बन्ध में लिखा पत्र
सेवा में,
मुख्य महाप्रबन्धक,
उत्तराखण्ड जल संस्थान, जल भवन, बी-ब्लॉक,
नेहरू कॉलोनी, देहरादून।
विषयः-
उत्तराखण्ड जल संस्थान में नियोजित जल संस्थान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों के सम्बन्ध में मांग पत्र।
महोदय,
उत्तराखण्ड जल संस्थान, कर्मचारी संगठन उत्तराखण्ड प्रदेश की कार्यसमिति की बैठक दिनांक 28.08.2025 को संगठन भवन नेहरू कॉलोनी देहरादून में आहुत की गयी, जिसमें कर्मचारियों की लम्बित मांगों के सम्बन्ध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विचार-विमर्श के उपरान्त प्रबन्धक पक्ष को मांग पत्र स्वीकृति एवं कार्यान्वित किये जाने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारी संगठन आशा करता है कि कर्मचारियों की निम्न मांगों का निस्तारण 15 दिवस के अन्तर्गत प्रबन्धक पक्ष/ शासन द्वारा कर दिया जायेगा।

प्रमुख मांगे
1- पेयजल विभाग को आवश्यक सेवा की दृष्टि से राजकीय विभाग घोषित किया जाए।
2- यू०यू०एस०डी०ए० के अन्तर्गत रख-रखाव संचालन हेतु निर्गत आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए तथा पूर्व की भांति पेयजल योजनाओं का रख-रखाव, संचालन एवं राजस्व वसूली का कार्य उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा ही कराया जाए।
3- राज्य कर्मचारी/अन्य निगमों की भांति पी०एफ० पर देय ब्याज अनुमन्य कराया जाए तथा बैंक द्वारा पी०एफ० धनराशि पर काटा जा रहा टी०डी०एस० पर तत्काल रोक लगायी जाए।
4- विभाग में कार्यरत आई०टी०आई० धारक पम्प चालकों को पी०डब्लू०डी० एवं सिंचाई विभाग की भांति 2400 ग्रेड-पे० दिया जाए एवं आई०टी०आई धारक पम्प चालक का तीसरा पदोन्नत पद सृजित किया जाए साथ ही ढांचे में शिफ्ट इंचार्ज एवं पम्प अधीक्षक के पद बढ़ाये जाए।

5- विभागीय ढांचे में मृत पदों को पुर्नजीवित किया जाए तथा ढांचे में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं लेखाधिकारी के पद बढ़ाये जाएँ।
6- समूह ‘घ” से समूह “ग” में हाईस्कूल / इण्टर मीडिएट योग्यता धारक कार्मिकों की पदोन्नति कनिष्ठ सहायक के पद पर शीघ्र की जाए।
7- विभागीय सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे कार्मिकों की कमी के दृष्टिगत फील्ड कर्मचारियों की शीघ्र नियुक्ति की जाए तथा पाइप लाईन फीटर का ग्रेड पे० रू0 2400, हैड फीटर का ग्रेड-पे० रू० 2800 एवं पाइप लाईन अधीक्षक का ग्रेड-पे० 4200 किया जाए।
8- शासनादेश संख्या-174 दिनांक 16.08.2017 के अनुसार दिनांक 01.10.2005 से लागू राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को अनुमन्य कराया जाए।
9- विभाग में कार्यरत संविदा, उपनल / आउटसोर्स / पी०टी०सी० श्रमिकों का नियमितीकरण किया जाए तथा पी०टी०सी० श्रमिकों को श्रम मानकों के अनुसार मासिक पारिश्रमिक अनुमन्य कराया जाए तथा किसी भी पी०टी०सी० श्रमिक को न हाटाया जाए।
10- शासनादेश के अनुसार राशिकरण की सुविधा अनुमन्य करायी जाए।
11- विभागीय सम्पत्ति का चिन्हीकरण किया जाए तथा विभागीय सम्पत्ति पर किये जा रहे अतिक्रमण को शीघ्र मुक्त कराया जाए।
12- स्थायीकरण से वंचित कार्मिकों का शीघ्र स्थायीकरण किया जाए।
13- विभागीय राजस्व वसूली जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के दृष्टिगत विभागीय ढांचे में स्वीकृत राजस्व सेल को क्रियान्वित किया जाए।
14- शासनादेश के अनुसार ग्रीष्मकाल एवं शीतकालीन वर्दी का भुगतान किया जाए।
15- थराली में विभागीय कार्यालय भवन का निर्माण कराया जाए।
16- विभागीय क्षतिग्रस्त आवासों की शीघ्र मरम्मत करायी जाए तथा वरिष्ठता के आधार पर नियमित कर्मचारियों को आवास आवंटित किये जाए।
17- दैवीय आपदा से प्रभावित कार्मिकों को विभागीय सहायता उपलब्ध करायी जाए।
18- शासनादेश के अनुसार ए०सी०पी० का समयान्तर्गत भुगतान किया जाए।

सेवा में,
मुख्य महाप्रबन्धक,
उत्तराखण्ड जल संस्थान, जल भवन, बी-ब्लॉक, नेहरू कॉलोनी, देहरादून।
विषय-
पी०टी०सी० श्रमिकों के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपरोक्त विषयक सादर अवगत कराना है कि विभाग की कई शाखाओं द्वारा पी०टी०सी० श्रमिकों को बिना मुख्यालय के आदेशों के हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है जो कि उचित नहीं है। साथ ही जो पेयजल योजनायें जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तराखण्ड पेयजल निगम को हस्तांतरित की गयी हैं/की जा रही हैं उन पेयजल योजनाओं में कार्यरत पी०टी०सी० श्रमिकों को न तो विभाग द्वारा मासिक पारिश्रमिक दिया जा रहा है न ही उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा मासिक पारिश्रमिक दिया जा रहा है। जबकि पूर्व में आपके द्वारा वार्ता में संगठन को आश्वासन दिया गया था कि किसी भी पी०टी०सी० श्रमिकों को नहीं हटाया जायेगा न ही उत्पीड़न किया जायेगा। महोदय इसके उपरान्त भी कई शाखाओं द्वारा बिना कारण के पी०टी०सी० श्रमिकों को हटाये जाने की कार्यवाही एवं मासिक पारिश्रमिक का समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप सम्बन्धित पी०टी०सी० श्रमिकों के सामने जीविका चलाने में संकट पैदा हो गया है, जिसके कारण कार्मिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
अतः महोदय उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संगठन आपसे अनुरोध करता है कि जिन शाखाओं द्वारा पी०टी०सी० श्रमिकों को बिना कारण के विभागीय सेवा से हटाने की कार्यवाही की जा रही है, सम्बन्धित शाखाओं को अपने स्तर से पी०टी०सी० श्रमिकों को विभागीय सेवा में रखने के साथ-साथ मासिक पारिश्रमिक का समयान्तर्गत भुगतान करने हेतु आदेश निर्गत करने का कष्ट करेंगे।

