उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 2002 का अनुपालन किये जाने के संबंध में
प्रेषक,
शैलेश बगौली,
सचिव,
उत्तराखण्ड शासन ।
सेवा में,
1. समस्त प्रमुख सचिव/सचिव, उत्तराखण्ड शासन।
2. समस्त विभागाध्यक्ष / कार्यालयाध्यक्ष, उत्तराखण्ड।
3. मण्डलायुक्त, गढ़वाल / कुमायूं, पौड़ी/ नैनीताल।
4. समस्त जिलाधिकारी, उत्तराखण्ड।
5. समस्त प्रबंध निदेशक, राज्य सरकार के उपक्रम / निगम, उत्तराखण्ड ।
कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-2
देहरादूनः दिनांकः 11 दिसम्बर, 2025।
विषय : उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 2002 का अनुपालन किये जाने के संबंध में।
महोदय,
उपरोक्त विषयक अवगत कराना है कि उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 2002 के द्वारा राज्याधीन सेवाओं के अन्तर्गत कार्यरत लोक सेवकों से अपेक्षित आचरण, व्यवहार एव मर्यादा इत्यादि के सम्यक् निर्वहन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश निर्धारित किये गये हैं। उक्त आचरण नियमावली के नियम-2, परिभाषाएं-खण्ड का बिन्दु (ग) निम्नवत् है
(ग) किसी सरकारी कर्मचारी के संबंध में “परिवार का सदस्य” के अन्तर्गत निम्नलिखित व्यक्ति सम्मिलित होंगेः-
(1) ऐसे सरकारी कर्मचारी की पत्नी, उसका लड़का, सौतेला लड़का, अविवाहित लड़की या अविवाहित सौतेली लड़की, चाहे वह उसके साथ रहता / रहती हो अथवा नहीं, और किसी महिला सरकारी कर्मचारी के संबंध में, उसके साथ रहने वाला तथा उस पर आश्रित उसका पति

(2) कोई भी अन्य व्यक्ति, जो रक्त संबंध से या विवाह द्वारा उक्त सरकारी कर्मचारी या संबंधी हो या ऐसे सरकारी कर्मचारी की पत्नी का या उसके पति का सम्बन्धी हो और जो ऐसे कर्मचारी पर पूर्णतः आश्रित होः
किन्तु इसके अन्तर्गत ऐसी पत्नी या पति सम्मिलित नहीं होगी / सम्मिलित नहीं होगा, जो सरकारी कर्मचारी से विधितः पृथक की गई हो / पृथक किया गया हो या ऐसा लड़का, सौतेला लड़का, अविवाहित लड़की या अविवाहित सौतेली लड़की सम्मिलित नहीं होगा/सम्मिलित नहीं होगी जो आगे के लिये, किसी भी प्रकार उस पर आश्रित नहीं है या जिसकी अभिरक्षा (Custody) से सरकारी कर्मचारी को, विधि द्वारा वंचित कर दिया गया हो।

2-उक्त नियमावली के नियम 22 के उपनियम (1) में चल, अचल तथा बहुमूल्य सम्पत्ति क्रय किये जाने के सम्बन्ध निम्नलिखित प्रावधान हैं:-
(1) कोई सरकारी कर्मचारी, सिवाय उस दशा के जब कि समुचित प्राधिकारी को इसकी पूर्व जानकारी हो, या तो स्वयं अपने नाम से या अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम से, पट्टा, रेहन, क्रय, विक्रय या भेंट द्वारा या अन्यथा, न तो कोई अचल सम्पत्ति अर्जित करेगा और न उसे बेचेगा।
परन्तु किसी ऐसे व्यवहार के लिये, जो किसी नियमित और ख्यातिप्राप्त (Reputed) व्यापारी से भिन्न व्यक्ति द्वारा सम्पादित किया गया हो, समुचित प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृ ति प्राप्त करना आवश्यक होगा।
नियमावली के नियम 22 के उपनियम (3) में निम्नलिखित प्रावधान है:-
(3) प्रथम नियुक्ति के समय और तदुपरान्त हर पांच वर्ष की अवधि बीतने पर, प्रत्येक सरकारी कर्मचारी, सामान्य रूप से नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी को, ऐसी सभी अचल सम्पत्ति की घोषणा करेगा, जिसका वह स्वयं स्वामी हो, जिसे उसने स्वयं अर्जित किया हो या जिसे उसने दान के रूप में पाया हो या जिसे वह पट्टा या रेहन पर रखे हो, और ऐसे हिस्सों की या अन्य लगी हुई पूंजियों की घोषणा करेगा, जिन्हें वह समय समय पर रखे या अर्जित करे, या उसकी पत्नी, या उसके साथ रहने वाले या किसी प्रकार भी उस पर आश्रित उसके परिवार के किसी सदस्य द्वारा रखी गई हो या अर्जित की गई हो। इन ६ घोषणाओं में सम्पत्ति, हिस्सों और अन्य लगी हुई पूजियों के पूरे ब्योरे दिये जाने चाहिये।
(4) समुचित प्राधिकारी, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा, किसी भी समय, किसी सरकारी कर्मचारी को यह आदेश दे सकता है कि वह आदेश में निर्दिष्ट अवधि के भीतर, ऐसी चल या अचल सम्पत्ति का, जो उसके पास अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य के पास रही हो या अर्जित की गई हो, और जो आदेश में निर्दिष्ट हो, एक सम्पूर्ण विवरणपत्र प्रस्तुत करे। यदि समुचित प्राधिकारी ऐसी आज्ञा दे तो ऐसे विवरण पत्र में, उन साधनों (Means) के या उस तरीके (Source) के व्योरे भी सम्मिलित हों, जिनके द्वारा ऐसी सम्पत्ति अर्जित की गई थी।
3-
मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या-479/2025 में दिनांकः 08.12.2025 को सुनवाई के उपरांत मा० न्यायालय द्वारा निम्नलिखित निर्देश प्रदान किये गये हैं:-
5. …….In that view, we direct the Chief Secretary to secure information from all government departments and all State Undertakings with regard to the compliance of Rule 22 r/w Rule 2(c) of 2002 Rules. The Uttarakhand Peyjal Nigam Employees Conduct Regulations, 2017 also defines the “Member of the Family” on similar pattern. In that view, we direct the Chief Secretary to place the information in two weeks. For reporting compliance, list on 22.12.2025.
4-उक्त के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 2002 के नियम-22 सपठित नियम-2 (ग) के प्राविधानों का आपके नियंत्रणाधीन विभाग/उपक्रम/निगम में अनुपालन के संबंध में सूचना दिनांकः 15.12.2025 से पूर्व अनिवार्य रूप से कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, अनुभाग-2 को भौतिक रूप में एवं ई मेल आईडी- personnelsection02@gmail.com पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

