उत्तराखंड

उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, यमुना घाटी भूमि हस्तांतरण के विरोध में, धरना प्रदर्शन जारी

उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, यमुना घाटी भूमि हस्तांतरण के विरोध में, धरना प्रदर्शन जारी

देहरादून।आज यमुनाघाटी परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड शासन के द्वारा जल विद्युत परियोजना की भूमि को यूआईडीबी को स्थानांतरित करने तथा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का समाधान न होने के विरोध में यमुना घाटीके ढालीपुर पावर हाउस, डाकपत्थर बैराज पर कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। डाकपत्थर बैराज पर तैनात उपनल तथा नियमित कर्मचारियों की अध्यक्षता भगवान प्रसाद का संचालन जॉनी गुलरिया के द्वारा किया गया। सभा में उपनल कार्मिकों के द्वारा समान कार्य तथा समान वेतन नहीं प्रदान किए जाने तथा नियमितिकरण नहीं किए जाने पर भी विरोध प्रकट किया गया तथा इसके अतिरिक्त डाकपत्थर परियोजना की भूमि को अन्य कार्यों में प्रयोग किए जाने पर विरोध प्रदर्शित किया।

सभा में वक्ताओं ने अवगत कराया कि मोर्चा के केंद्रीय नेताओं की कल देहरादून में प्रबंध निदेशक उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड से इस विषय में बैठक हुई थी । मोर्चा के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय को इस विषय में स्पष्ट पत्र लिखा गया है कि इस प्रकार पावर हाउस की हेतु आरक्षित भूमि को अन्य कार्यों में नहीं दिया जा सकता। प्रबंध निदेशक के साथ ही वार्ता में प्रबंधन और मोर्चा के बीच सहमति बनी कि इस समस्या के समाधान हेतु शीघ्र ही प्रमुख सचिव ऊर्जा के साथ बैठक की जाएगी जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके।

मोर्चा ने अपना स्टैंड यथावत रखा जिसमें जिसमें 15 दिन की समय सीमा में अगर इस समस्या का समाधान करते हुए कोई कार्यवाही नहीं की गई तो पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा । विरोध के क्रम में आज कर्मचारियों द्वारा विभिन्न विद्युत ग्रहों बैराज पर नारेबाजी एवं धरना प्रदर्शन करते हुए शासन आदेश को निरस्त करने तथा कर्मचारी आवासीय कॉलोनी, पावर हाउस से संबंधित स्टोर, नलकूप, विद्यालय ,बैंक, अस्पताल आदि की स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

कर्मचारी संगठनों द्वारा आक्रोश प्रकट किया गया कि तीनों ऊर्जा निगम के प्रबंधन कर्मचारियों के हितों के विपरीत कार्य कर रहे हैं। जा रही है। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया अगर अन्याय पूर्ण शासन आदेश को निरस्त नहीं किया जाता तो कर्मचारी किसी भी स्तर तक आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे।आज के कार्यक्रम में ढलीपुर विद्युत गृह में राम सिंह, गिरीश ,सुनील कुमार,खिलेश पांडे ,अविनाश चौहान, प्रकाश कुमार आदि उपस्थित रहे।

डाकपत्थर बैराज पर पंकज रावत ,जोनी गुलरिया, आलोक बडोनी प्रदीप पुंडीर, राकेश कुमार, नरेश कुमार, प्रेम प्रकाश, सोनम मखीजा, सलीम अंसारी, विनीत सैनी, पंकज नैथानी ,पंकज सैनी, सुनील कुमार, अभिलाष यादव ,रवि कुमार ,भगवान प्रसाद, रिंकी तोमर, रितु पुलकित सुप्रिया बडोनी साक्षी चौहान, रिंकी तोमर आदि ने अपने विचार रखे।

डाकपत्थर परियोजना एवं ढालीपुर में भूमि विद्युत उत्पादन कार्यों हेतु पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद द्वारा अधिग्रहित की गई थी। तथा इस भूमि का ले आउट विद्युत परियोजनाओं हेतु स्थापित किया गया है जिसमें निर्माणनाधीन बहुउद्देशीय लखवाड़ बांध परियोजना, किशाउ परियोजना, अराकोट त्यूनी के विभिन्न स्टोर्स कार्यालय डिजाइन ऑफिस आदि बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त परियोजना क्षेत्र में लगभग 10 विद्यालय, बैंक , पुलिस चौकी, दूरभाष केंद्र, व्यापारिक संस्थान , कॉलेज, धार्मिक स्थल स्थापित हैं जिनमें इस क्षेत्र के नागरिक विशेष कर जौनसार तथा आसपास की ग्राम पंचायत के नागरिकों हेतु शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अत्यंत खेद का विषय है कि बिना प्रभावित पक्षो को इस विषय में कोई सहमति बनाएं या सूचना दिए इस प्रकार का शासन आदेश निर्गत किया गया है जिससे प्रतीत होता है कि डाकपत्थर जैसी विकसित जगह को हटाकर नागरिकों तथा कर्मचारियों के मध्य असंतोष फैलाया जा रहा है।

मोर्चा के सभी घटक संगठनों के स्थानीय पदाधिकारीयो का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश पर कर्मचारी किसी भी आंदोलन हेतु तैयार हैं जिसमें हड़ताल भी सम्मिलित है।

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