उत्तराखंड

यमुना घाटी द्वितीय में विद्युत अधिकारी कर्मचारी संघर्ष मोर्चा केआंदोलन हेतु समिति का गठन

यमुना घाटी द्वितीय में विद्युत अधिकारी कर्मचारी संघर्ष मोर्चा केआंदोलन हेतु समिति का गठन।

देहरादून।आज दिनांक 22,01,2026 को ढालीपुर विद्युत गृह पर उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा यमुना वैली द्वितीय की संयुक्त बैठक बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता श्री प्रकाश कुमार सहायक अभियंता ओ जी, ढालीपुर द्वारा की गई बैठक में सभी ने नेमोर्चा द्वारा निगम प्रबंधन को दिए गए 19 सूत्रीय समस्या पत्र को लेकर विचार विमर्श किया गया साथ ही मोर्चा द्वारा दिए गए जन जागरण एवं आंदोलन को सफल बनाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में संयुक्त मोर्चा यमुना वैली द्वितीय की कार्यकारिणी का गठन किया गया।

जो निम्न प्रकार से है,,
अध्यक्ष,,श्री प्रकाश कुमार ,AE,OG ढालीपुर।
संयोजक,, श्री बृज मोहन तिवारी , ढकरानी ।
सह संयोजक,, श्री भगवान लाल
ढकरानी ।
सह संयोजक,, श्री खिलेश कुमार पांडेय,ढालीपुर
सह संयोजक, श्री वीरेंद्र कुमार कुल्हाल ।

कोषाध्य,,, श्री संजय कुमार, कुल्हाल ।।
बैठक में निम्नलिखित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
श्री सुशील भंडारी जी
श्री राम सिंह जी
श्री सुखवीर सिंह जी
श्री संजीव आर्या जी
श्री कैलाश चन्द जोशी जी
श्री संदीप कुमार जी
श्री होशियार सिंह जी
श्री मनीष जैन जी
श्री अर्जुन सिंह जी
श्री सुशील कुमार जी,,आदि
आज की बैठक में कर्मचारियों के द्वारा उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की वर्तमान में उत्पादन कर रही परियोजनाओं तथा बन रही परियोजनाओं के लिए उपयोगी भूमि को उत्तराखंड निवेश एवं संवर्धन बोर्ड को हस्तांतरित करने का विरोध किया गया तथा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं जिसमें 2020 के बाद नियुक्त कार्मिकों की विद्युत टैरिफ व्यवस्था बहाल करने, उपनल संविदा कार्मिकों को नियमितीकरण एवं समान कार्य समान वेतन दिए जाने, 2005 तक निकाली गई विज्ञप्तियों के सापेक्ष शासन की भांति पुरानी पेंशन व्यवस्था, 2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को तृतीय एसीपी के रूप में पूर्व की भांति 6600 ग्रेड वेतन प्रदान किए जाने, चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की एसीपी पूर्व की भांति 4600 ग्रेड वेतन, अवर अभियंता , तकनीशियन तथा सहायक अभियंता को पूर्व की भांति नियुक्ति पर प्रदान किए जाने वाली वेतन वृद्धि, तीनों ऊर्जा निगमों का एकीकरण, एसीपी के कारण वेतन में कटौती एवं रिकवरी की समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। अतः कर्मचारी वर्ग में भारी संतोष व्याप्त है एवं आंदोलन की एकमात्र रास्ता बचा है।

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