विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का आंदोलन शुरू
देहरादून।उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश के दोनों मंडलों – गढ़वाल एवं कुमाऊँ – के समस्त जनपदों में डिप्लोमा इंजीनियर साथियों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन पूरे जोश, अनुशासन और अभूतपूर्व एकजुटता के साथ संचालित किया जा रहा है। आन्दोलन के प्रथम चरण के द्वितीय सोपान पर पूरे प्रदेश के समस्त जनपदों में आज दिनांक 10.02.2026 को समस्त जनपद मुख्यालयों पर बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रत्येक जनपद में अभियंताओं द्वारा की गई सक्रिय भागीदारी यह दर्शा रही है कि अब यह संघर्ष निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है।
प्रांतीय अध्यक्ष आर.सी. शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक तथा तीव्र तीव्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल वेतन या पदोन्नति का नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय का है।
महासचिव इं. वीरेन्द्र गुसाईं ने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक अभियंता एकजुट है और अंतिम निर्णय तक संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन की एकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
गढ़वाल मंडल अध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि गढ़वाल मंडल के समस्त जनपदों में लगभग 3000 डिप्लोमा इंजीनियर सदस्य संगठित रूप से अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आज की बैठक में प्रदेश के दोनों मंडलों के समस्त जनपदों से अभियंता साथियों द्वारा सक्रिय सहभागिता की जा रही है, जो संगठन की व्यापक एकजुटता और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब अभियंताओं की सामूहिक शक्ति को अनदेखा करना संभव नहीं है।
आज जनपद देहरादून में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष इं. सुरेन्द्र श्रीकोटी ने की तथा संचालन जनपद सचिव इं. पूजा श्रेष्ठ द्वारा किया गया। जनपद देहरादून में लगभग 400 डिप्लोमा इंजीनियर्स द्वारा प्रतिभाग किया गया जनपद अध्यक्ष इं. सुरेन्द्र श्रीकोटी ने कहा कि देहरादून जनपद आंदोलन के प्रत्येक चरण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा और संगठन के हर आह्वान पर पूरी मजबूती से खड़ा रहेगा।
महासंघ की प्रमुख मांगें
वर्ष 2006 से चली आ रही वेतन विसंगति का पूर्ण समाधान करते हुए प्रारंभिक ग्रेड वेतन ₹4600 प्रदान किया जाए।
10, 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर समयबद्ध पदोन्नति एवं उच्च वेतनमान सुनिश्चित किया जाए।
01 जनवरी 2014 के पश्चात नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ग्रेड पे ₹5400 (लेवल-
10) प्रदान किया जाए।
01 अक्टूबर 2005 के पश्चात नियुक्त अभियंताओं हेतु पुरानी पेंश पेंशन योजना (OPS) पुनः बहाल की जाए।
विभागों में पदोन्नति अनुपात में सुधार, तकनीकी संवर्ग का का पुनर्गठन एवं रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति की जाए।
गैर-तकनीकी दायित्वों से मुक्ति, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू की जाए तथा फील्ड में कार्यरत अभियंताओं
को सामाजिक सुरक्षा व बीमा संरक्षण प्रदान किया जाए।
(उक्त मांगें पूर्व में शासन को प्रेषित की जा चुकी हैं।)
बैठक में इं. अनिल पंवार, इं० मुकेश रतूडी, इं० रमेश थपलियाल, ई. दिवाकर धस्माना, ई. शांतनु शर्मा, इं. मुकेश रतूड़ी, इं. चितरंजन जोशी, इं. उपेन्द्र गोयल, इं० अरविन्द प्रताप सिंह, इं० मुकेश रमोला, ई. प्रमोद नेगी, ई. पंकज सैनी, इं. अरविन्द सजवाण, इं० सुमित जगूडी, इं० सुजाता पाल, इं० संदीप राठौर, इं० यशवन्त सिंह रावत सहित सैकड़ों अभियंता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि अधिकार और सम्मान की यह लड़ाई अंतिम सफलता तक लडेगें।

