उत्तराखंड

विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने पेयजल निगम कार्मिकों की न्यायोचित मांगों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने पेयजल निगम कार्मिकों की न्यायोचित मांगों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

प्रतिष्ठा में,

मा० मुख्यमंत्री जी, उत्तराखण्ड सरकार।

विषयः-पेयजल निगम कार्मिकों की न्यायोचित मांगों के सम्बन्ध में।

उपरोक्त विषयक संलग्न आन्दोलन नोटिस के क्रम में पेयजल निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा दिनांक 20.02.2026 से आन्दोलन कार्यक्रम प्रारम्भ कर दिया गया है तथा उनके द्वारा दिनांक 05.03.2026 तक मांगे पूर्ण न होने पर कार्य बहिष्कार का नोटिस दिया गया है। उनकी मांगे हैं कि :-

1. पेयजल निगम को राजकीय विभाग घोषित किया जाये।

2. राजकीय विभाग घोषित होने तक वेतन/पेंशन का आहरण कोषागार से निर्गत किया जाये।

अथवा

सेंटेज व्यवस्था समाप्त करते हुए पेयजल निगम कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय का एकमुश्त प्राविधान करते हुए सचिव (पेयजल) के निवर्तन पर रखा जाये तथा प्रत्येक माह 01 तारीख को नियमित रूप से वेतन/पेंशन का भुगतान किया जाये।

सादर अवगत कराना हैं कि प्रदेश की अत्यन्त विषम भौगोलिक परिस्थितियों में पेयजल निगम कार्मिक पेयजल/सीवर योजनाओं के निर्माण हेतु अथक प्रयास करते हैं। पेयजल निगम कार्मिकों द्वारा अन्य अभियन्त्रण विभागों के समान रूप से राज्य के विकास के लिए कार्य किया जाता है, परन्तु अन्य राजकीय विभागों के समान पेयजल निगम कार्मिकों को सेवालाभ न मिलना न्यायोचित नहीं है। उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में एक सशक्त राज्य विभाग का होना अति आवश्यक है।

अतः महोदय से निवेदन है कि पेयजल निगम को शीघ्र राजकीय विभाग घोषित किया जाये तथा राजकीयकरण होने तक पेयजल निगम में सेंटेज व्यवस्था समाप्त करते हुए पेयजल निगम कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय का एकमुश्त प्राविधान करते हुए सचिव (पेयजल) के निवर्तन पर रखा जाये।

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