उत्तराखंड शासन के इस अधिकारी की बड़ी मुश्किलें, जानियें कारण?
देहरादून।आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे उत्तराखंड के आईएएस अधिकारी राम विलास यादव के खिलाफ विजिलेंस की जांच टीम को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं।जिससे आधार पर ये कहा जा सकता है कि आईएएस अधिकारी राम विलास यादव ने विदेशों में भी निवेश किया है।जांच टीम अभी इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।
विजिलेंस की टीम यूपी में आईएएस अधिकारी राम विलास यादव के ठिकानों पर छापेमारी करने बाद विजिलेंस एडिशनल SP रेनू लोहानी के नेतृत्व में मंगलवार देहरादून मुख्यालय लौट आई हैं।विजिलेंस जांच अधिकारी के मुताबिक, आरोपित आईएएस यादव की पुश्तैनी प्रोपर्टी समेत लखनऊ में कई संपत्तियों का खुलासा हुआ है। वहीं, अलग-अलग बैंकों में कई FD सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।सभी तरह की संपत्तियों को जांच में शामिल कर कार्रवाई की जा रही है।
विजिलेंस की टीम आईएएस यादव की लगभग 20 संपतियों का खुलासा कर चुकी हैं. यह संपत्तियां उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हैं, जिनकों जांच के घेरे में लिया गया हैं. वहीं, विजिलेंस की जांच-पड़ताल में इस बात की भी जानकारी सामने आयी है कि आरोपी IAS लगातार विदेशी दौरे पर जाते थे. ऐसे में आय से अधिक संपत्ति का निवेश विदेश में भी हो सकता हैं।विजिलेंस की टीम अभी आईएएस अधिकारी राम विलास यादव की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की जांच में फंसे उत्तराखंड के आईएएस अधिकारी राम विलास यादव पर शिकंजा कसता ही जा रही है।जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही ही नए-नए खुलासे हो रहे हैं।विजिलेंस की टीम ने राम विलास यादव के यूपी के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी, जहां से विजिलेंस को कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं।

