उत्तराखंड

बड़ी खबर-अभियंता हुआ निलंबित, देखिये आदेश

मुख्य अभियन्ता (कु०), उत्तराखण्ड पेयजल निगम, हल्द्वानी ने अपने पत्र सं० 65/गो० सामान्य/14, दिनांक 28.04.2026 के साथ अधीक्षण अभियन्ता, निर्माण मण्डल, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, अल्मोड़ा का पत्र संख्या 17/ गोपनीय सामान्य/6, दिनांक 25.04.2026, अधिशासी अभियन्ता, निर्माण शाखा, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, भिकियासैण का पत्र सं० 09/गोपनीय सामान्य/03, दिनांक 07.04.2026 इस कार्यालय को संलग्न करते हुए प्रकरण के सम्बन्ध में अवगत कराया है कि निर्माण शाखा, भिकियासैण में कार्यरत श्री जितेन्द्र कुमार सुयाल, अपर सहायक अभियन्ता (प्रभारी सहायक अभियन्ता) वर्ष 2023 से शाखा में कार्यभार ग्रहण करने के उपरान्त से ही बिना अनुमति के एवं बिना सूचना के अवकाश पर रहने की प्रवृत्ति के रहें हैं। बिना अनुमति/पूर्व सूचना के अवकाश पर जाने के सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता द्वारा पत्राचार किये जाने पर भी सम्बन्धित कार्मिक द्वारा किसी भी पत्राचार का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जाता है। श्री जितेन्द्र कुमार सुयाल के दिनांक 05.12.2025 से निरन्तर कार्यालय में अनुपस्थित रहने के सम्बन्ध में शाखा कार्यालय के पत्रांक 298/अधि0-1/08, दिनांक 11.03.2026 के द्वारा चेतावनी सहित स्पष्टीकरण मांगे जाने पर सम्बन्धित कार्मिक द्वारा किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण न देते हुए अनर्गल पत्राचार करते हुए अवगत कराया गया कि उन्हें 01 माह और अवकाश में रहना पड़ सकता है। अधिशासी अभियन्ता द्वारा सम्बन्धित कार्मिक को पर्याप्त अवसर प्रदान किये जाने के उपरान्त भी उनकी कार्य प्रणाली में कोई सुधार परिलक्षित नही हुआ। उक्त के कारण अधीक्षण अभियन्ता, निर्माण मण्डल, अल्मोड़ा एवं मुख्य अभियन्ता (कु०), हल्द्वानी द्वारा उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया है।

मुख्य अभियन्ता (कु०), हल्द्वानी द्वारा अपने पत्र में यह भी उल्लिखित किया कि अधीक्षण अभियन्ता, निर्माण मण्डल, अल्मोड़ा द्वारा भी दिनांक 14.11.2025 को भवानी देवी (भौनादेवी) ग्रा०स०प०पे०यो० का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें भी श्री जितेन्द्र कुमार सुयाल, अपर सहायक अभियन्ता (प्रभारी सहायक अभियन्ता) द्वारा प्रतिभाग नही किया गया। इसी के साथ दिनांक 09.01.2026 को मा० विधायक सल्ट द्वारा भी अधीक्षण अभियन्ता को दूरभाष के माध्यम से सम्बन्धित सहायक अभियन्ता द्वारा उनका फोन रिसीव न किये जाने एवं शिकायतों के सम्बन्ध में समुचित कार्यवाही न करने सम्बन्धी शिकायत की गई थी।

अतः इं० जितेन्द्र सिंह सुयाल, अपर सहायक अभियन्ता (प्रभारी सहायक अभियन्ता) द्वारा विभागीय कार्यों के प्रति उदासीनता/लापरवाही बरतने, बिना उच्चाधिकारियों को सूचना दिये अवकाश पर जाने तथा कार्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने तथा शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के सम्मुख विभाग की छवि धूमिल होना स्वाभाविक है। इं० जितेन्द्र सिंह सुयाल की इस प्रकार की कार्यप्रणाली उत्तराखण्ड पेयजल निगम कर्मचारी आचरण विनियमावली-2017 के विनियम-3 (1) एवं (2) का स्पष्ट उल्लंघन होना प्रतीत होता है।

उक्त के दृष्टिगत अधीक्षण अभियन्ता, निर्माण मण्डल, अल्मोड़ा एवं मुख्य अभियन्ता (कु०), हल्द्वानी द्वारा प्रदान की गयी संस्तुति के क्रम में इं० जितेन्द्र सिंह सुयाल, अपर सहायक अभियन्ता (प्रभारी सहायक अभियन्ता) को उत्तराखण्ड पेयजल निगम कार्मिक (अनुशासन एवं अपील) विनियमावली-2017 में निहित प्राविधानों के तहत को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है।

निलम्बन की अवधि में इं० जितेन्द्र सिंह सुयाल, अपर सहायक अभियन्ता (प्रभारी सहायक अभियन्ता) को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय हो, भी अनुमन्य होगा। किन्तु यदि इं० जितेन्द्र सिंह सुयाल को निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ महंगाई भत्ता अथवा महंगाई भत्ते का उपांतिक समायोजन प्राप्त न हो तो जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता देय नहीं होगा। इं० जितेन्द्र सिंह सुयाल को जीवन निर्वाहन भत्ता तभी देय होगा जब वह इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करें कि निलम्बन काल में वे किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार वृत्ति अथवा व्यवसाय में नहीं लगे हैं। निलम्बन की अवधि में इं० जितेन्द्र सिंह सुयाल, अपर सहायक अभियन्ता (प्रभारी सहायक अभियन्ता), अधीक्षण अभियन्ता, निर्माण मण्डल, अल्मोड़ा कार्यालय में सम्बद्ध रहेंगे।

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