UPCL, MD पी.सी. ध्यानी ने संभाली कम बिजली उपलब्धता की स्थिति, अधिकारियों को एक सप्ताह में सुधार के निर्देश

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UPCL, MD पी.सी. ध्यानी ने संभाली कम बिजली उपलब्धता की स्थिति, अधिकारियों को एक सप्ताह में सुधार के निर्देश

पीक आवर्स में 350 मेगावाट तक बिजली की कमी, UPCL ने तैयारियां तेज कीं

देहरादून, 22 सितंबर। प्रदेश में कोयला एवं जल आधारित विद्युत गृहों से अपेक्षाकृत कम उत्पादन के कारण पीक आवर्स के दौरान उत्पन्न हो रही विद्युत कमी से निपटने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वर्तमान में राज्य में पीक आवर्स के दौरान औसतन करीब 350 मेगावाट विद्युत की कमी सामने आ रही है। इस स्थिति को देखते हुए UPCL के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने अधिकारियों को बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और स्थिति में एक सप्ताह के भीतर सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।

विद्युत उपलब्धता में कमी के प्रमुख कारण राष्ट्रीय स्तर पर कोयला आधारित विद्युत उत्पादन में कमी, पावर एक्सचेंजों से सीमित बिजली उपलब्ध होना तथा राज्य और केंद्रीय जल विद्युत परियोजनाओं से कम उत्पादन बताया गया है।

इसके अलावा टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की दो इकाइयां तकनीकी कारणों से बंद होने से करीब 100 मेगावाट क्षमता प्रभावित हो रही है।नदियों में जल प्रवाह कम होने के कारण जल विद्युत उत्पादन में भी पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर 2025 की तुलना में वर्तमान में पीक आवर्स के दौरान राज्य एवं केंद्रीय जल विद्युत गृहों से औसतन करीब 250 मेगावाट कम उत्पादन हो रहा है।

वहीं, पिछले कुछ दिनों से शाम के पीक आवर्स के दौरान पावर ग्रिड की आवृत्ति करीब 49.50 हर्ज तक बनी हुई है। ग्रिड की सुरक्षा एवं स्थिरता को ध्यान में रखते हुए एनआरएलडीसी द्वारा निर्धारित सीमाओं के अनुसार ओवरड्रॉ पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है। पावर एक्सचेंजों के माध्यम से अतिरिक्त बिजली खरीदने के प्रयासों के बावजूद अधिकतम दरों पर भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

अनुरक्षण कार्यों के लिए विशेष अभियान

कम बिजली उपलब्धता की स्थिति के बीच UPCL ने अपने स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने अधिकारियों को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों एवं अन्य विद्युत परिसंपत्तियों के अनुरक्षण कार्यों के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि पीक आवर्स में तकनीकी खराबियों के कारण होने वाली अतिरिक्त बाधाओं को न्यूनतम किया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों से फील्ड स्तर पर विद्युत व्यवस्था की लगातार निगरानी करने, संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार लाने और उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।

UPCL प्रबंधन का प्रयास है कि उपलब्ध विद्युत संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए पीक डिमांड के दौरान आपूर्ति व्यवस्था को यथासंभव स्थिर रखा जाए।

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