उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करें, राजस्व वसूली शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो: पीसी ध्यानी
Oplus_16908288
उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करें, राजस्व वसूली शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो: पीसी ध्यानी
यूपीसीएल एमडी ने श्रीनगर में श्रीनगर और टिहरी मंडल की समीक्षा बैठक में अभियंताओं को दिए निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
श्रीनगर गढ़वाल, 25 अक्टूबर। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने रविवार को श्रीनगर गढ़वाल में श्रीनगर एवं टिहरी मंडल की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अभियंताओं और कार्मिकों को विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने, बकाया राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने और विद्युत सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।
प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि सभी सम्मानित विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। बकायेदार उपभोक्ताओं से शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के साथ ही शत-प्रतिशत मीटर रीडिंग के आधार पर बिजली के बिल जारी किए जाएं। उन्होंने खराब मीटरों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने और मीटर खराब होने के कारण बिलों में हुई गड़बड़ी को तत्काल संशोधित करने के निर्देश भी दिए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर विशेष जोर
पीसी ध्यानी ने सभी अभियंताओं को विशेष रूप से निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्धारित समय में निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना विभाग की प्राथमिकता है। शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
स्मार्ट मीटर लगाने में लाई जाए तेजी
बिजली के बिलों में पारदर्शिता और त्रुटियों को रोकने के उद्देश्य से प्रबंध निदेशक ने उपभोक्ताओं के कनेक्शनों पर प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत और बिलों पर बेहतर तरीके से नजर रख सकेंगे। इससे बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।
नए बिजली कनेक्शन देने में देरी पर होगी कार्रवाई
प्रबंध निदेशक ने नए विद्युत संयोजन जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने चेतावनी दी कि औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी उपभोक्ता को विद्युत संयोजन देने में अनावश्यक विलंब पाया गया, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य अभियंता एनएस बिष्ट, अधीक्षण अभियंता गौरव शर्मा, मयूर देव सिंह और प्रशांत बहुगुणा सहित टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, कोटद्वार एवं नैनीडांडा क्षेत्रों से अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता उपस्थित रहे।

