उत्तराखंड शासन ने मुख्य, अधीक्षण और अधिशासी अभियंताओं के कार्यक्षेत्र में किया फेरबदल

0
Oplus_16908288

Oplus_16908288

उत्तराखंड में लोक निर्माण विभाग में बड़ा फेरबदल, 9 अभियंताओं की नई तैनाती

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने लोक निर्माण विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए नौ अभियंताओं के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। मंगलवार को जारी शासनादेश के तहत मुख्य अभियंताओं से लेकर अधिशासी अभियंताओं तक की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

शासनादेश के अनुसार प्रमुख तैनातियों में निम्न बदलाव किए गए हैं—

ओम प्रकाश (मुख्य अभियंता स्तर-1) को पौड़ी से देहरादून में मुख्य अभियंता के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें देहरादून स्थित संबंधित मुख्य अभियंता कार्यालयों का दायित्व सौंपा गया है।

रणजीत सिंह (मुख्य अभियंता स्तर-2) को यूआरआरडीए का दायित्व मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग के सभी दायित्वों से मुक्त किया गया है।

मुकेश सिंह परमार (मुख्य अभियंता स्तर-2) को मुख्य अभियंता, क्षेत्रीय कार्यालय पौड़ी बनाया गया है।
जितेंद्र कुमार त्रिपाठी (अधिशासी अभियंता) को प्रभारी अधीक्षण अभियंता, चतुर्थ वृत्त, ऊधमसिंह नगर की जिम्मेदारी दी गई है।

भुगुनाथ द्विवेदी (अधिशासी अभियंता) को ऋषिकेश से निर्माण खंड, लोक निर्माण विभाग देहरादून भेजा गया है।
नीरज कुमार त्रिपाठी (अधिशासी अभियंता) को देहरादून निर्माण खंड से अस्थायी खंड, लोक निर्माण विभाग ऋषिकेश भेजा गया है।

मनोज कुमार राठौर (अधिशासी अभियंता) को घनसाली से निर्माण खंड, लोक निर्माण विभाग दुगड्डा में तैनात किया गया है। यह तैनाती 30 नवंबर 2026 को अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह की सेवानिवृत्ति की तिथि से प्रभावी होगी।

संजय चौहान (अधिशासी अभियंता) को लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड काशीपुर में तैनाती दी गई है। यह व्यवस्था 31 दिसंबर 2026 को अधिशासी अभियंता विवेक कुमार सक्सेना की सेवानिवृत्ति की तिथि से प्रभावी होगी।
शासनादेश पर अनु सचिव दीपक कुमार के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी नई तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करेंगे और कार्यभार प्रमाणक पत्र शासन को उपलब्ध कराएंगे।

इस प्रशासनिक फेरबदल को लोक निर्माण विभाग में कार्यों के बेहतर संचालन और विभागीय जिम्मेदारियों के पुनर्निर्धारण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Oplus_16908288
Oplus_16908288

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed