जल संस्थान के अधिकारी/कर्मचारी कर रहे है आपने ट्रांसफर का इंतजार
देहरादून ।उत्तराखंड के अधिकांश विभागो के तबादले हो गए हैं, लेकिन उत्तराखंड जलसंस्थान के कई अधिकारी/कर्मचारी वर्षो से दुर्गम क्षेत्रों में तैनात है।वह तबादला सूची का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक विभाग के द्वारा तबादला सूची जारी नहीं कि गई है।बात करें देहरादून जिले की तो यहाँ कई अधिकारियों की जब से विभाग में तैनाती हुई है उनका आज तक ट्रांसफर नही हुआ है।ये सेटिंग-गेटिंग वाले अधिकारी आज तक राजधानी से बाहर ही नहीं गए है।जल संस्थान रायपुर डिवीजन का एक अधिकारी तो अपनी विभाग से तैनाती के समय से आज तक इसी डिवीजन में तैनात है।इन साहब में तो हाल ही भ्रस्टाचार के कई आरोप लगे है लेकिन जल संस्थान विभाग ने इस अधिकारी पर कोई कार्यवाई नही करते हुए है इनको प्रमोशन भी दे दिया है।आपको बता दें पेयजल विभाग खुद मुख्यमंत्री के पास है।अब देखना दिलचस्प होगा कि विभाग इस अधिकारी पर लगे भ्रस्टाचार के आरोप की जांच कब तक पूरी करता है।
प्रदेश में तबादला एक्ट के तहत स्थानांतरण सत्र 2022-23 में 15 प्रतिशत कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले होंगे।जिस पर शासन ने अपनी मुहर लगाते हुए तबादलों के लिए अधिकतम समय सीमा तय कर दी है।
प्रदेश में कोविड-19 की वजह से पिछले दो साल तक तबादला सत्र शून्य घोषित किया गया था। इस सत्र में तबादला एक्ट के तहत ही कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले होने थे। इसके लिए शासन की ओर से 8 अप्रैल 2022 को आदेश जारी किया गया था। शासन की ओर से तबादलों के लिए समय सीमा तय की गई थी।
जिसे बाद में कुछ विभागों के अनुरोध के बाद बढ़ाकर तबादलों की अंतिम तिथि 10 जुलाई घोषित की गई थी, लेकिन मानकों में आ रहे सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले होंगे।लेकिन उत्तराखंड के 54 विभागों में से एक उत्तराखंड जल संस्थान में अभी तक ट्रांसफर नही हुए है।जबकि इस समय पेयजल विभाग मुख्यमंत्री के पास खुद है।जल संस्थान के कई अधिकारियों/ कर्मियों को ट्रांसफर सूची का इंतजार है लेकिन जल संस्थान के उच्च अधिकारी अभी तक कुम्भकर्णीय नींद में सोए है।

