उत्तराखंड

जब सैंया हुए कोतवाल तो इन इंजिनीयर साहब को डर काहे का

देहरादून।उत्तराखंड जल संस्थान हमेशा विवादों में बना रहता है।ताजा मामला जल संस्थान के रायपुर डिवीजन का है।जहाँ जल संस्थान के एक अधिशासी अभियंता और प्रभारी अधीक्षण अभियंता पर भ्रस्टाचार के आरोप लगे थे।अभियंता पर आरोप है कि उन्होंने अपने सगे-संबंधियों को टेंडर दिए है जिसकी जांच जल संस्थान के उच्च अधिकारी कर रहे थे।सूत्रों के हवाले से खबर है कि विभाग के उच्च अधिकारियों ने भ्रस्टाचार के आरोपी इस अभियंता को क्लीन चिट दे दी है।आपको बता दें इस अभियंता की जब से जल संस्थान में जॉयनिंग हुई है।इनका अभी तक इस डिवीजन से ट्रांसफर नही हुआ है।

आपको बता दें पेयजल विभाग इस समय मुख्यमंत्री के पास है।जीरो टॉलरेंस का नारा देने वाली भाजपा सरकार लगातार भ्रस्टाचारियों पर लगाम कस रही है।अब देखना दिलचस्प होगा भ्रस्टाचार के आरोप में फंसे इस अभियंता पर शासन-प्रशासन क्या कार्यवाई करता है।आपको बता दें सीएम धामी चुन-चुन कर भ्रस्टाचारियों को सलाखों के पीछे पहुंचा रहे है।अब देखना होगा कि जल संस्थान पर फैले भ्रस्टाचार पर सीएम धामी की नजर कब पड़ती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *