उत्तराखंड

ऊर्जा निगम कर्मियों का वेतन कम होने पर संगठन ने जताई नाराजगी,ये मांग की

देहरादून।ऊर्जा निगम में पुरानी एसीपी लागू होने से क्लास 3 और 4 के कर्मचारियों का वेतन कम होने पर ऊर्जा कामगार संगठन ने नाराजगी जताई है ।संगठन अध्यक्ष राकेश शर्मा ने अध्यक्ष ऊर्जा निगम को पत्र सौंप पे प्रोटेक्शन का लाभ देने की मांग की। इसके लिए नए सिरे से पे मेट्रिक्स में वेतन निर्धारण किए जाने पर जोर दिया।अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि एसीपी को लेकर शासन स्तर से जारी आदेश का कर्मचारियों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। हर महीने वेतन में ₹500 से लेकर ₹8000 तक का नुकसान हो रहा है। ऐसे में दोबारा से निगम में दोबारा से पे मैट्रिक्स में वेतन संरक्षित करते हुए कार्मिकों का वेतन निर्धारण किया जाए ताकि कर्मचारियों को होने वाले वित्तीय नुकसान को रोका जा सके।

पुरानी पेंशन को लागू किया जाए चतुर्थ श्रेणी क्रम कार्मिकों की तीसरी एसीपी को पहले की तरह जूनियर इंजीनियर संवर्ग के ग्रेड पर के बराबर किया जाए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तीसरी एसीपी और सहायक अभियंता संवर्ग की तीसरी एसीपी का अनुपात पांचवें वेतन आयोग की तुलना में सातवें वेतन आयोग तक आते-आते 3 गुना से भी अधिक हो गया है।ऐसे में वेतन को पहले की तरह समानांतर स्तर पर किए जाने को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 इंक्रीमेंट देते हुए वेतन निर्धारण किया जाए नए सिरे से वेतन निर्धारण होने तक किसी भी अधिकारी इंजीनियर के इंक्रीमेंट पर रोक लगाई जाए। अधिष्ठान स्टेनोग्राफर, डाटा एंट्री ऑपरेटर,सहायक लेखाकार पद की विसंगति को दूर करने को एक कमेटी का गठन किया जाए। इसके बाद इन पदों के वेतनमान को 2005 से revise निवास करते हुए वेतन निर्धारण किया जाए और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के भत्ते को रिवाइज किया जाए।जो बचे भत्ते किए गए हैं उनके स्थान पर नए भरपाई की जाए अधिकारी इंजीनियर की तरह चतुर्थ और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को भी उच्च शिक्षा की सुविधा दी जाए समान वेतन समान काम दिया जाए।

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