आलसी अफसरों और मंत्रियों को सीएम धामी की चेतावनी
देहरादून।वैसे तो ज्यादातर अफसर हमेशा से ही आलसी रहे हैं।फील्ड में कम दफ्तर में ज्यादा समय गुजारने के लिए अफसर बदनाम रहते आए हैं। लेकिन कोरोना काल के बाद अफसरों का आलस्य बढ़ गया है।उत्तराखंड में भी कमोबेश यही हालत है।अफसरों के साथ अनेक कैबिनेट मंत्री भी दफ्तर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में सीएम धामी खुद हर हफ्ते जिलों का दौरा करके ऐसे मंत्रियों और अफसरों को इशारा कर रहे हैं कि काम करो, नहीं तो आने वाले दिन मुश्किल भरे होंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने कैबिनेट मंत्रियों और नौकरशाहों को लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि दफ्तर में बैठकर कोई काम नहीं होगा। जितना काम दफ्तर में बैठने का है, उतना ही काम सड़क पर उतर कर धरातल की स्थिति जानने का भी है।हालांकि धामी के मुख्यमंत्री बनने के लगभग 7 महीने बाद भी लगता है ना तो अधिकारी इस पर ध्यान दे रहे हैं और ना ही कैबिनेट मंत्री। यही कारण है कि अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इशारों ही इशारों में समझाने का काम कर रहे हैं।
राज्य में विकास कार्यों की गति किस तरह से चल रही है और राज्य की सरकार से आम जनता कितनी खुश है, इस बात का जायजा लेने के लिए खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धामी 13 जिलों में हर हफ्ते विजिट कर रहे हैं। अब तक वह चंपावत, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और चमोली जैसे जिलों में भ्रमण कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस बात को बखूबी जानते हैं कि राज्य गठन के बाद से जिस तरह से राज्य में बैठे नौकरशाहों ने सत्ता में बैठे नेताओं को परेशान किया है, ऐसे में उनके लिए भी बड़ी चुनौती खड़ी है।
कई अधिकारियों की हैं शिकायतें
आपको बता दें कि राज्य में कई अधिकारियों और कैबिनेट मंत्रियों को लेकर राज्य सरकार के पास यह फीडबैक है कि ये अधिकारी दफ्तरों में बैठकर ही पूरा कार्यकाल निकाल देते हैं। इस तरह की कई शिकायतें ना केवल जन प्रतिनिधियों ने दी हैं, बल्कि आम जनता की तरफ से भी कई बार इस तरह के मामले सामने आए हैं।
धामी ले रहे हैं जनता से सरकार और अधिकारियों के कार्य का फीडबैक
इसके साथ ही बीते दिनों अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में भी रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बिना लाव लश्कर के सुबह-सुबह मार्केट में निकल गए। वहां पर उन्होंने आम जनता से बातचीत करके ना केवल सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया बल्कि अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी आम जनता से बातचीत की। 2 दिन पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग जिले में भ्रमण कर रहे थे।तब रात्रि विश्राम के बाद सुबह सुबह वह उन दुकानदारों के पास पहुंचे जो चारधाम यात्रा का सही से फीडबैक दे सकते हैं।
गणेश जोशी ने की अफसरों की शिकायत
बीते दिनों राजधानी देहरादून के मालदेवता में आई आपदा के दौरान जब कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मौके पर मौजूद थे, तब जिले का कोई भी अधिकारी वहां नहीं पहुंच पाया था। इस बात की सूचना खुद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दी थी। तत्काल मुख्यमंत्री ने अपने कार्यक्रम को स्थगित कर के मौके पर पहुंचने का कार्यक्रम बनाया। मुख्यमंत्री को मौके पर पहुंचता देख आनन फानन में सभी अधिकारियों की गाड़ियां भी मौके पर दौड़ने लगीं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यहां पहुंचने पर अधिकारियों को यह संदेश दिया कि वह ऐसे हालातों में जनता के बीच पहुंचें ना कि दफ्तरों में बैठकर फोन इधर उधर घूम आएं।

