पेयजल निगम में इन अभियंताओं की हिल सकती है कुर्सियां
देहरादून।उत्तराखंड में यूपी निर्माण निगम को ब्लैक लिस्ट करने के बाद सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक काम पेयजल निगम को आवंटित हो रहा है। जल निगम की जो यूनिटें काम के अभाव में खाली बैठी रहती थीं, अब वहां काम का भार बहुत बढ़ गया है। इन योजनाओं को तय समय पर पूरा कराने को लेकर एमडी जल निगम ने इंजीनियरों को तेजी दिखाने को कहा है। साफ किया कि जिन विभागों से जुड़ी ये पेयजल योजनाएं हैं, उन्हें किसी भी तरह शिकायत का कोई मौका न दिया जाए।
पेयजल निगम को न सिर्फ उत्तराखंड, बल्कि देश की नामी कार्यदायी संस्थाओं के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा। गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखना होगा। जो प्रोजेक्ट मैनेजर बेहतर नतीजे नहीं दे पाएंगे, उन्हें लेकर मैनेजमेंट को नए सिरे से विचार करना होगा। निर्माण कार्यों के साथ जल जीवन मिशन की योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा कराया जाए। हर हाल में योजनाओं को 31 मार्च तक पूरा किया जाए।
पेयजल निगम में बेहतर नतीजे न देने वाले प्रोजेक्ट मैनेजरों की कुर्सियां जल्द हिलेंगी। परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखने के एमडी पेयजल निगम एससी पंत ने निर्देश दिए। इसके साथ ही निर्माण शाखाओं से जुड़े अधिशासी अभियंताओं को भी जल जीवन मिशन के काम तेजी के साथ पूरा किए जाने के निर्देश दिए।

