उत्तराखंड

जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मोर्चा मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद धरना किया स्थगित

जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मोर्चा के आंदोलन नोटिस सं० 01 / देहरादून, दिनांक 06.01.2024 एवं आंदोलन नोटिस सं० 02/देहरादून, दिनांक 17.01.2024 के क्रम में वर्तमान में जारी ध्यानाकर्षण आंदोलन के अन्तर्गत वर्तमान में समस्त जनपद / नगरों में प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक (02 घंटे) का सांकेतिक धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इस सम्बन्ध में दिनांक 29.01.2024 की सायं माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उनके द्वारा मांगो से सम्मत होते हुये उन पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया गया तथा उक्तानुसार अग्रेत्तर कार्यवाही शीर्ष प्राथमिकता पर करने हेतु निर्देश दिये गये। उक्त मांगो पर शासन/सरकार स्तर पर अग्रेत्तर कार्यवाही किये जाने हेतु समय दिये जाने एवं उक्त आन्दोलन को समाप्त किये जाने की अपील के क्रम में मोर्चा पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में आहूत बैठक, जिसका कार्यवृत्त उत्तराखण्ड शासन के पृ०सं० 64/पी०एस० / अ०स० पेयजल, दिनांक 30.01.2024 के द्वारा जारी किया गया है, के क्रम में दिनांक 30.01.2024 व आज दिनांक 31.01.2024 को जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मोर्चा के उच्चाधिकार समिति की बैठक आयोजित की गई।

उक्त बैठक में उच्चाधिकार समिति द्वारा एकमत से यह निर्णय लिया गया कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मांगो के निस्तारण हेतु सकारात्मक आश्वासन दिया गया है तथा मांगो के निस्तारण हेतु पत्रावलियों के प्रचलन / निस्तारण हेतु शासन / सरकार को समय देने की अपेक्षा की गई है, अतः वर्तमान में जारी सांकेतिक धरना कार्यक्रम (प्रतिदिन 10:00 से 12:00 बजे) को स्थगित किया जाना उचित होगा।

उक्त के क्रम में वर्तमान में जारी सांकेतिक धरना कार्यक्रम (प्रतिदिन 10:00 से 12:00 बजे) को स्थगित करते हुये अनुरोध किया गया कि निम्न मांगो पर शीघ्र से शीघ्र शासनादेश जारी कराने की कृपा करेंगे:-

1. उत्तराखण्ड पेयजल निगम एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान का एकीकरण करते हुये राजकीयकरण किया जायेगा।

2. USDDA द्वारा कराये जा रहे समस्त पेयजल / सीवरेज निर्माण कार्य उत्तराखण्ड पेयजल निगम के माध्यम से कराये जायेगे तथा उक्त कार्यों का अनुरक्षण / संचालन व राजस्व वसूली कार्य उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा ही कराये जायेंगे।

यदि दिनांक 20.02.2024 तक उक्त दोनों मांगो के सम्बन्ध में शासनादेश जारी नहीं किया जाता है तो मोर्चा के समक्ष स्थगित किये गये आंदोलन को पुनः प्रारम्भ करने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं होगा तथा दिनांक 21.02.2024 को संयुक्त मोर्चा की उच्चाधिकार समिति की बैठक आहूत कर अग्रेत्तर आंदोलन कार्यक्रम पर निर्णय लिया जायेगा।

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