उत्तराखंड

पेयजल अभियंताओं ने अपनी शाखा के अधिशासी अभियंता पर लगाया उत्पीड़न का आरोप,लिखा पत्र

उपरोक्त विषयक अवगत कराना है कि इस शाखा द्वारा भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत सितारगंज एवं खटीमा विकासखण्ड में 80 पेयजल योजनाओं, अमृत 20. जिला योजना एवं विभिन्न कार्यक्रमों के अन्तर्गत अनेकों निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। कार्यालय में कार्य कर रहे समस्त अभियन्ताओं द्वारा उक्त पेयजल योजनाओं के सफल संचालन हेतु अपने पूर्ण मनोयोग एवं सर्पण से योजनाओं का निस्पादन किया जा रहा है, परन्तु बडे खेद के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि आपके द्वारा अधिनस्थ अभियन्ताओं को प्रोत्साहित न करते हुए उनका शोषण किया जा रहा है, जिनके मुख्य बिन्दु निम्नवत्

1. शाखा में कार्यरत कनिष्ठ अभियन्ता कु० कल्पना उपाध्याय के छोटे भाई का स्वास्थ्य अत्यन्त खराब होने पर उनके द्वारा दिनांक 16.06.2024 से दिनांक 17.06.2024 तक राजकीय अवकाश में घर जाने एवं उसकी सूचना सहायक अभियन्ता को दिये जाने पर आपके द्वारा दिनांक 18.06.2024 को कार्य दिवस पर उनके साथ अभ्रदत्ता की गई। कार्यालय समय में ही उनके छोटे भाई के स्वर्गवास की सूचना प्राप्त होने पर वह रोते बिलखते घर गई।

2. शाखान्तर्गत कार्य कर रहे सहायक अभियन्ता एवं कनिष्ठ अभियन्ताओं को आपके द्वारा अनेकों बार निलम्बन किये जाने एवं गोपनीय प्रतिवेदन में प्रतिकूल प्रविष्टि करने की धमकी देकर मानसिक उत्पीडन

किया जाता है। 3. शाखान्तर्गत कार्य कर रहे सहायक अभियन्ता एवं कनिष्ठ अभियन्ताओं को प्रदत्त विभिन्न प्रकार के अवकाश का उपभोग करने की स्वीकृति आपके द्वारा प्रदान नहीं की जाती है।

4. शाखान्तर्गत समस्त अभियन्ताओं द्वारा अपने अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं के देखरेख की जाती रही है, परन्तु आपके द्वारा अनावश्यक रूप से भ्रमण पंजिका पर प्रविष्ठि करने हेतु बाध्य किया जा रहा है तथा प्रविष्टि न करने पर पत्राचार कर शोषण किया जा रहा है, जबकि स्वयं आपके द्वारा उक्त भ्रमण पंजिका पर प्रविष्टि नहीं की जाती है।

5. राष्ट्रीय पर्व पर प्राप्त अवकाश में भी आपके द्वारा कार्यस्थल पर योजनाओं का निरीक्षण किये जाने हेतु अधिनस्थ अभियन्ताओं को परेशान किया जाता रहा है।

उपरोक्त बिन्दुओं के दृष्टिगत एक तरफ आपके अन्दर मानवीय संवेदनाओं का अभाव है, वही दूसरी ओर आपके अमानवीय एवं क्रूर व्यवहार के कारण अभियन्ताओं के मानसिक उत्पीड़न की पुनः पुनरावृत्ति आपके द्वारा अगर भविष्य में की जायेगी तो शाखान्तर्गत समस्त सहायक अभियन्ता / कनिष्ठ अभियन्ताओं को आन्दोलन/कार्य बहिष्कार पर जाने को मजबूर होना पड़ेगा, जिस कारण किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए आप स्वयं जिम्मेदार रहेंगे।

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