उत्तराखंड

उत्तरांचल पॉवर इंजीनीयर्स एसोसिएशन ने उत्तराखण्ड के ऊर्जा निगमों में उच्चस्तरीय पदों के सेवा विस्तार एवं प्रभार की व्यवस्था को समाप्त किये जाने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री धामी को लिखा पत्र

पत्रांक सं०:- 261 / यूपीईए / जी०एस०/2025-26

दिनांक:- 13/10/2025

सेवा में,

मा० मुख्यमंत्री जी उत्तराखण्ड सरकार

देहरादून।

विषयः उत्तराखण्ड के ऊर्जा निगमों में उच्चस्तरीय पदों के सेवा विस्तार एवं प्रभार की व्यवस्था को समाप्त किये जाने के सम्बन्ध में।

महोदय,

कृपया उपरोक्त विषयक आपके संज्ञान में लाना है कि ऊर्जा निगमों में विभिन्न उच्च स्तर के पदों यथा संवर्गीय पद, प्रबन्ध निदेशक, निदेशक पर अधिकारियों की 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूर्ण हो जाने के उपरान्त भी सेवा विस्तार दिया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप अनुभवी एवं पात्रता प्राप्त अभियन्ता की पदोन्नति ससमय नहीं हो पाती है।

महोदय, इस प्रकार के सेवा विस्तार के कारण मुख्य अभियन्ता स्तर के अभियन्ता से लेकर सहायक अभियन्ता स्तर के अभियन्ताओं (लगभग 4 पदों) की पदोन्नति प्रभावित होती है। सेवा विस्तार के कारण ऐसा भी हो सकता है कि कुछ अभियन्ता बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो जायें, जो कि उनके सवैद्यानिक अधिकारों पर कुठाराघात है। पूर्व में भी इस प्रकार के सेवा विस्तार हुये हैं जिनके कारण कई अभियन्ताओं की पदोन्नति प्रभावित हुई है।

महोदय, अधिवर्षता आयु पूर्ण हो जाने के उपरान्त भी सेवा विस्तार दिये जाने से ऐसा प्रतीत होता है कि विभागों में अन्य अभियन्ता इन अधिकारियों से ज्यादा उपयोगी नहीं हैं, जबकि ऊर्जा निगमों में सरकार की विभिन्न योजना के क्रियान्वयन हेतु पात्रता प्राप्त योग्य अभियन्ता मोजूद हैं।

महोदय अतः आपसे अनुरोध है कि 60 वर्ष की आयु अधिवर्षता पूर्ण हो जाने के पश्चात् ऊर्जा निगमों में कार्यरत किसी भी अधिकारी को सेवा विस्तार न दिया जाए। इसके अतिरिक्त वर्तमान में सेवा विस्तार एवं प्रभारी व्यवस्था में विभाग में अपनी सेवा देने वाले सभी अधिकारियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त किये जाने हेतु अग्रिम कार्यवाही करने की कृपा करें व ऊर्जा निगमों में प्रबन्ध निदेशक, निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया अविलम्ब प्रारम्भ कराने की कृपा करें जिसके लिये संगठन आपका सदैव आभारी रहेगा

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