नये साल की शुरूआत में ही पेयजल निगम में मचा हाहाकार
नये साल की शुरूआत में ही पेयजल निगम में मचा हाहाकार
देहरादून।आधिकारी/कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति, उत्तराखण्ड पेयजल निगम की बैठक समिति के प्रान्तीय अध्यक्ष इं० जितेन्द्र सिंह देव जी की अध्यक्षता में हुयी एवं निगम के राजकीयकरण एवं ट्रेजरी से वेतन भुगतान के विषय में विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। महासचिव श्री विजय खाली द्वारा अवगत कराया गया कि राजकीयकरण पर हो रहे विलम्ब से समस्त सदस्यों में भारी आक्रोश उत्तपन्न हो गया है एवं साथ ही विगत 2 माह से वेतन के भुगतान नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की जा रही है। अतः समिति द्वारा सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि निम्न दो मांगे तत्काल पूरी की जाय-

1. पेयजल निगम को राजकीय विभाग घोषित किया जाये।
2. राजकीय विभाग घोषित होने तक वेतन/पेंशन का आहरण कोषागार से निर्गत किया जाये।
अथवा
सेंटेज व्यवस्था समाप्त करते हुए पेयजल निगम कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय का एकमुश्त प्राविधान करते हुए सचिव पेयजल के निर्वतन पर रखा जाये तथा प्रत्येक माह 01 तारीख को नियमित रूप से वेतन/पेंशन का भुगतान किया जाये।
उपरोक्त मांग को पूरी करने में शासन द्वारा किये जा रहे विलम्ब के दृष्टिगत दिनांक 16 जनवरी 2026 को प्रधान कार्यालय में एक दिवसीय धरना दिया जायेगा तथा उक्त धरने कार्यक्रम के बाद उच्चाधीकार समिति की बैठक कर अनिश्चित कालीन कार्यवाही/हड़ताल पर निर्णय लिया जायेगा।
बैठक में इं० राम कुमार, पूर्व अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर संघ, इं० अजय बेलवाल, अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर संघ, सुमित पुन, धमेन्द्र चौधरी, अजय रावत, संतोष पाण्डे, लक्ष्मी नारायण भट्ट, महामंत्री लाल झण्डा मजदूर यूनियन आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।

