उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने ऊर्जा निगम के तीनों MD को लिखा पत्र, जताई नाराजगी
देहरादून।आज दिनांक 15 जनवरी 2025 को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की एक आवश्यक बैठक यमुना कॉलोनी स्थित हाइड्रोइलेक्ट्रिक एंप्लाइज यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता श्री प्रदीप कंसल तथा संचालन संयोजक इंसारूल हक ने किया। बैठक में राकेश शर्मा सुनील तंवर, राहुल चांनना, पंकज सैनी बीरबल सिंह, डीएस नेगी, विवेक कुमार ,प्रदीप प्रकाश शर्मा शाहिद समस्त संगठनों के पदाधिकारी उपस्थितरहे।
आज की बैठक में ऊर्जा के तीनों निगमों में विगत 4 वर्षों से कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में होने पर भारी रोष प्रकट किया गया।

आज की बैठक में विश्वास रूप से यमुना घाटी परियोजना के अंतर्गत परियोजना के विभिन्न संरचनाओं , स्कूल, विद्युत उपसंस्थान,विद्युत ट्रांसमिशन लाइंस, लखवाड़ परियोजना हेतु निर्मित भवन, स्टोर्स एवं अन्य विद्युत उत्पादन कार्यों के लिएआवंटित भूमि को यूआइडीबी को स्थानांतरित करने के आदेश के विरोध में अभी तक जल विद्युत निगम प्रबंधन अथवा ऊर्जा विभाग के द्वारा कोई भी स्पष्टीकरण अथवा कार्यवाही नहीं की गई है। सभी समस्त घटक संगठनों के प्रांतीय पदाधिकारी की उपस्थिति में 19 सूत्रीय समस्या पत्र तीनों निरगमो के प्रबंध निदेशकों को प्रेषित करते हुए सर्वप्रथम प्रांतीय जन जागरण, ध्यानाकर्षण तथा तत्पश्चात 6 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की सूचना प्रदान की गई है।
ऊर्जा के तीनों निगमों में कर्मचारी संगठनों की विभिन्न समस्याओं जिनमें मुख्य रूप से उपनल कार्मिकों के नियमितीकरण, टीजी2 संवर्ग की समस्या, वर्ष 2005 तक निकाली गई विज्ञप्तियों के लिए पुरानी पेंशन की व्यवस्था, वर्ष 2020 के बाद नियुक्त कार्मिकों के लिए विद्युत टैरिफ की सुविधा, आउटसोर्स तथा सेल्फ हेल्प के अंतर्गत नियुक्त कार्मिकों की समस्याएं, शासन में लागू ग्रेच्युटी की सीमा निगमों में न प्रदान किए जाने, एसीपी के कारण हुई रिकवरी, के साथ अन्य समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ है।
मोर्चा के समस्त पदाधिकारीयों ने ऊर्जा निगमो के प्रबंधन की उदासीनता पर गहरा रोष प्रकट करते हुए इस विषय में आंदोलन सूचना प्रदान कर दी है।

