UPCL में मुख्य अभियंता स्तर-1, स्तर-2, अधिक्षण अभियंता के 5 पदों पर पदोन्नति आदेश जारी नहीं होने पर अभियंता नाराज
UPCL में मुख्य अभियंता स्तर-1, स्तर-2, अधिक्षण अभियंता के 5 पदों पर पदोन्नति आदेश जारी नहीं होने पर अभियंता नाराज
उत्तरांचल पावर इन्जीनियर्स एसोसिएशन की आज हुई महत्वपूर्ण बैठक
धरने -प्रदर्शन की दी चेतावनी
देहरादून।आज उत्तरांचल पावर इन्जीनियर्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी की विशेष बैठक का आन-लाइन माध्यम से आयोजन किया गया।जिसमें उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड में दिनांक 26-07-2025 को मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में पूर्ण हुई DPC के परिप्रेक्ष्य में आज तक मुख्य अभियंता स्तर-1, स्तर-2, अधिक्षण अभियंता के 5 पदों पर पदोन्नति आदेश जारी नहीं किये गये हैं जिस पर रोष व्यक्त किया गया व एसोसिएशन ने क्रमिक अनशन व सत्याग्रह करने की चेतावनी दी है।
प्रभारी निदेशक परिचालन के द्वारा दिनांक 09-06-2026 को ऊर्जा निगम मुख्यालय में प्रबन्धन के साथ द्विपक्षीय वार्ता में वायदा किया था कि दिनांक 15-06-2026 सोमवार को इं० राजकुमार की चार्जशीट की अंतिम रिपोर्ट प्रबन्ध निदेशक महोदय को सबमिट कर देंगे लेकिन आज दिनांक 16-06-2026 तक प्रभारी निदेशक परिचालन द्वारा रिपोर्ट दबा कर रखी गई है जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि *सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता-1, सेवा विस्तारित व प्रभारी निदेशक परिचालन* द्वारा पदोन्नति आदेश जारी करवाने की कार्यवाही को जानबूझकर लंबित किया जा रहा है, जिसकी एसोसिएशन ने भर्त्सना की है।
यदि प्रभारी निदेशक परिचालन द्वारा उक्त रिपोर्ट वायदे के अनुसार दिनांक 18-06-2025 तक जमा नहीं की तो एसोसिएशन आन्दोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रभारी निदेशक परिचालन की होगी, यह भी निर्णय लिया गया।
एसोसिएशन ने एक सूत्र में मांग की है कि दिनांक 30-06-2026 के आगे उक्त सेवानिवृत्त अभियंता का प्रभारी निदेशक परिचालन पद पर पुनः सेवा विस्तार न की जाये।यदि उक्त सेवानिवृत्त अभियंता का सेवा विस्तार किया जाता है तो एसोसिएशन पूर्ण राज्य में चरणबद्ध आंदोलन/ सत्याग्रह चलाने के लिए मजबूर होगी।
साथ ही एसोसिएशन ने मांग की कि सेवानिवृत्त हो चुके किसी भी कार्मिकों का सेवा विस्तार न दिया जाए। ऐसे सेवा विस्तार से जूनियर अधिकरियों की कैरियर ग्रोथ रूक जाती है।
एसोसिएशन ने अपना पक्ष रखा कि जब कोई व्यक्ति सेवा में रहते हुए 60 वर्ष की आयु तक कोई कीर्तिमान स्थापित न कर पाया हो तो वह सेवा विस्तार लेकर एक वर्ष या सवा वर्ष में राज्य को क्या योगदान दे पायेगा।
इसलिए ऐसे सेवानिवृत्त व्यक्ति को नैतिकता के आधार पर स्वयं ही सेवा विस्तार का त्याग कर देना चाहिए एंव राज्य पर इतना न्यूनतम उपकार करना उस सेवानिवृत्त व्यक्ति का फर्ज बनता ही है।
बैठक का आयोजन अध्यक्ष इं० कार्तिकेय दूबे की अध्यक्षता में किया गया जिसमें पूर्व अध्यक्ष वाई०एस० तोमर, महासचिव इं० मुकेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष इं० अमित रंजन, उपाध्यक्ष इं० राहुल चानना, इं० अनिल मिश्रा, इं० अनुज, इं० अनुज, इं० मनीषा, इं० कल्पना सहित अनेकों अभियंता उपस्थित रहे।

