ऋषिकेश में नमामि गंगे परियोजना को मिली नई मजबूती, पेयजल निगम एसटीपी और सीवर नेटवर्क विस्तार में निभा रहा अहम भूमिका
ऋषिकेश में नमामि गंगे परियोजना को मिली नई मजबूती, पेयजल निगम एसटीपी और सीवर नेटवर्क विस्तार में निभा रहा अहम भूमिका
लकड़घाट और चंद्रेश्वर नगर एसटीपी के माध्यम से गंदे पानी का वैज्ञानिक उपचार, सिंचाई योग्य जल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण को मिल रहा बढ़ावा
ऋषिकेश। उत्तराखंड पेयजल निगम की निर्माण इकाई (नमामि गंगे), ऋषिकेश द्वारा सीवेज प्रबंधन और गंगा संरक्षण की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। निगम द्वारा लकड़घाट एवं चंद्रेश्वर नगर क्षेत्रों में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे शहर के नालों का गंदा पानी वैज्ञानिक तरीके से उपचारित किया जा रहा है।
इन क्षेत्रों से निकलने वाले सीवेज को पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से एसटीपी तक पहुंचाया जाता है, जहां आधुनिक तकनीक से उसका शोधन किया जाता है। उपचार के बाद प्राप्त स्वच्छ जल को सिंचाई एवं कृषि कार्यों के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है। इससे एक ओर जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है, वहीं दूसरी ओर गंगा एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
इसके साथ ही उत्तराखंड पेयजल निगम द्वारा ऋषिकेश एवं आसपास के क्षेत्रों में सीवेज नेटवर्क के विस्तार का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। नई सीवर लाइनों के निर्माण से अधिक से अधिक आबादी को आधुनिक सीवेज व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को भी लाभ मिल रहा है।
नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे ये कार्य स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त ऋषिकेश के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
