नामांतरण मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश, अगले माह से होगा ‘नामांतरण दिवस’
नामांतरण मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश, अगले माह से होगा ‘नामांतरण दिवस’
देहरादून। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद उत्तराखंड श्रीमती रंजना राजगुरु ने प्रदेश में भूमि नामांतरण (दाखिल-खारिज/म्यूटेशन) से जुड़े मामलों और अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण के मामलों का नियमों के अनुरूप गुण-दोष के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा बैठक में सभी जनपदों में असिस्टेंट कलेक्टर प्रथम श्रेणी/तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा किए जा रहे राजस्व न्यायिक कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई। श्रीमती राजगुरु ने कहा कि मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने सभी पीठासीन अधिकारियों को राजस्व न्यायालयों का संचालन नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए। साथ ही न्यायालयों से संबंधित अभिलेखों और आवश्यक पंजीकाओं को नियमित रूप से अद्यतन रखने को कहा, ताकि मामलों की स्थिति स्पष्ट रहे और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
आयुक्त एवं सचिव ने निस्तारित मामलों की पत्रावलियों को नियमानुसार समय से रिकॉर्ड रूम में जमा कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अपील की स्थिति में मूल पत्रावलियां संबंधित अपीलीय न्यायालय को समय पर उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अलावा न्यायालयों द्वारा जारी समनों की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में विशेष रूप से हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपदों में नामांतरण मामलों से संबंधित समनों की समय पर तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व परिषद की ओर से आगामी माह से प्रदेश में ‘नामांतरण दिवस’ आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके मद्देनजर प्रदेश की सभी तहसीलों के पीठासीन अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां अभी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में राजस्व परिषद के संयुक्त संचालक (चकबंदी) श्री नरेश चन्द्र दुर्गापाल, उप राजस्व आयुक्त श्रीमती मीनाक्षी पटवाल, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) श्री नितिन वशिष्ठ सहित प्रदेश के सभी अपर जिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
