उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संगठन मे मुख्य महाप्रबंधक को लिखा पत्र,की ये मांग

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सेवा में,

मुख्य महाप्रवन्धक, उत्तराखण्ड जल संस्थान, जल भवन् बी-ब्लॉक, नेहरू कीलोनी, देहरादून।

विषय-

उत्तराखण्ड जल संस्थान में नियोजित जल संस्थान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों के सम्बन्ध में मांग पत्र।

महोदया,

उत्तराखण्ड जल संस्थान, कर्मचारी संगठन उत्तराखण्ड प्रदेश की कार्यसमिति की बैठक दिनांक 19.10.2024 को संगठन भवन नेहरू कॉलोनी देहरादून में आहुत की गयी जिसमें कर्मचारियों की लम्बित मांगों के सम्बन्ध में विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त मांग पत्र प्रबन्धक पक्ष को स्वीकृति एवं कार्यान्वित किये जाने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारी संगठन आशा व्यक्त करता है कि कर्मचारियों की निम्न मांगों का निस्तारण 15 दिवस के अन्तर्गत प्रबन्धक पक्ष/शासन द्वारा कर दिया जायेगा।

प्रमुख मांगे

1- पेयजल विभाग को आवश्यक सेवा की दृष्टि से राजकीय विभाग घोषित किया जाए।

2- यू०यू०एस०डी०ए० के अन्तर्गत रख-रखाव संचालन हेतु निर्गत आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए तथा पूर्व की भांति पेयजल योजनाओं का रख-रखाव, संचालन एवं राजस्व वसूली का कार्य उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा ही कराया जाए।

३- राज्य कर्मचारी/अन्य निगमों की भांति पी०एफ० पर देय ब्याज अनुमन्य कराया जाए तथा बैंक द्वारा पी०एफ० धनराशि पर काटा जा रहा टी०डी०एस० पर तत्काल रोक लगायी जाए।

– विभाग में कार्यरत आई०टी०आई० धारक पम्प चालकों को पी०डब्लू०डी० एवं सिंचाई विभाग की 4 भांति 2400 ग्रेड-पे दिया जाए एवं आई०टी०आई धारक पम्प चालक का तीसरा पदोन्नत पद सृजित किया जाए साथ ही ढांचे में शिफ्ट इंचार्ज एवं पम्प अधीक्षक के पद बढ़ाये जाए।

5- विभागीय ढांचे में मृत पदों को पुर्नजीवित किया जाए।

– समूह ‘घ’ से समूह ग में हाईस्कूल/इण्टर मीडिएट योग्यता धारक कार्मिकों की पदोन्नति 6 कनिष्ठ सहायक के पद पर शीघ्र की जाए।

विभाग में सृजित शाखावार हैड फिटर/पाइप लाईन अधीक्षकों के पद सृजित किये जाएँ तथा हैड फिटर का पेड-पे रू0 2800 एवं पाइप लाईन अधीक्षक का ग्रेड पे 4200 किया जाए। – शासनादेश के अनुसार कार्मिकों को वाहन भत्ता स्वीकृत किया जाए।

– विभाग में कार्यरत संविदा, उपनल / आउटसोर्स/पी०टी०सी० श्रमिकों का नियमितीकरण किया जाए तथा पी०टी०सी० श्रमिकों को श्रम मानकों के अनुसार मासिक पारिश्रमिक अनुमन्य कराया जाए।

10-शासनादेश के अनुसार राशिकरण की सुविधा अनुमन्य करायी जाए।

11-विभागीय ढांचे को शीघ्र स्वीकृत किया जाए।

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