उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने महाप्रबंधक यमुना घाटी कार्यालय पर एकदिवसीय धरना दिया
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने महाप्रबंधक यमुना घाटी कार्यालय पर एकदिवसीय धरना कार्यक्रम_
_17 मार्च को उत्तराखंड जल विद्युत निगम मुख्यालय पर विशाल गेट मीटिंग आयोजित करने का निर्णय_
डाकपत्थर (देहरादून)आज दिनांक 16 मार्च 2026 को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा महाप्रबंधक यमुना घाटी प्रथम कार्यालय पर धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजीनियर केदार सिंह राणा, तथा संचालन श्री संजय राणा के द्वारा किया गया।
मोर्चा के द्वारा विगत एक महीने से महाप्रबंधक यमुना घाटी को दिए गए आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार आज धरना प्रदर्शन किया गया। मोर्चा के पदाधिकारीयो तथा सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त किया कि महाप्रबंधक महोदय के द्वारा किसी भी प्रकार की समस्या पर कोई वार्ता अथवा समाधान नहीं किया गया। आज के कार्यक्रम में मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष इ० वाई एस तोमर, श्री राकेश शर्मा, अमित रंजन, पंकज सैनी,श्री वीरेंद्र कुमार, साउद खान, संजीव आर्य, राम सिंह,कलम चौहान, सहजाद, आशीष राणा, विशाल राजपूत, रवि सकलानी, जियाउद्दीन, पिंटु कुमार,जसवंत,मदन, जगदीश जोशीछोटू तोमर, राजेन्द्र कापड़ी, संदीप, दिग्विजय रावत, प्रेम प्रकाश, वेदपाल आर्य, अभिलाष यादव, विमलेश, रामसरी,जयपाल तोमर, रेनू तोमर, पंकज नैथानी,माया तोमर ,रितु पुलकित, रिंकी तोमर, सीमा रानी , विकास पुंडीर, पंकज रावत,साक्षी चौहान सोनम मखीजा, चित्रा रानी, रीना, रेखा, सुमित्रा, गोपाल बिहारी मोहम्मद रियाज, महताब अली, याकूब अली अनुज कुमार, राजेश चंद्र तिवारी, महेंद्र चौहान, प्रेम प्रकाश, सुनील, राजेंद्र ,अभिषेक, संजय सत्संगी, गोविंद, विनीत सैनी ,अमित बहुगुणा, अरविंद बहुगुणा, भानु प्रकाश जोशी, सुशील टम्टा, भगवान प्रसाद, सूरज पुंडीर ,संदीप रवि, ऐ के सिंह, बृजेश कुमार, सुल्तान सिंह चौहान ,अनूप चौहान, आस्था तोमर ,अरविंद तोमर, अरुण कुमार, सुनील कुमार,सहित सैकड़ो कर्मचारी उपस्थित रहे।
मोर्चा के 19 सूत्रीय समस्या पत्र में विगत 4 -5 वर्ष से कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को सम्मिलित करते हुए पूर्व में ही उत्तराखंड शासन तथा तीनों ऊर्जा निगम प्रबंधन को अवगत कराया गया था। किंतु प्रबंधन की उदासीनता से ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबंधन को औद्योगिक शांति स्थापित करने के विषय में कोई चिंता नहीं है।
आज की सभा में मुख्य रूप से
1. यमुना परियोजना की संपूर्ण 180 एकड़ भूमि को बिना किसी अध्ययन अथवा विभागीय सहमति के यूआईआईडीबी को हस्तांतरित करने के शासन आदेश को निरस्त करने की मांग की गई जिससे जल विद्युत परियोजनाओं का परिचालन एवं भविष्य की परियोजनाओं हेतु भूमि उपलब्ध रहे। मोर्चा के स्थानीय संयोजक श्री गोपाल बिहारी, श्री संजय राणा, मनजीत सिंह तोमर ने बताया कि उक्त का शासन आदेश जारी होने से पहले किसी भी कर्मचारी संगठन अथवा स्टेकहोल्डर से कोई चर्चा नहीं की गई। उक्त शासनादेश विसंगति पूर्ण इसलिए हो जाता है क्योंकि इसके माध्यम से पूरी उपलब्ध भूमि एक ऐसी एजेंसी को ट्रांसफर करने का आदेश किया गया है जिसका जल विद्युत परियोजना से कोई लेना-देना नहीं है।
2. मोर्चा के समस्या पत्र में उपनल, आउटसोर्स, सेल्फ हेल्प,चतुर्थ श्रेणी कार्मिक से लेकर, अवर अभियंता अभियंता स्तर तक सभी कर्मचारियों की विभिन्न समस्याएं प्रबंधन को दी गई है किंतु इस विषय में ना तो कोई समाधान किया गया ना कोई वार्ता आयोजित की गई।
_3. मोर्चा के द्वारा राज्य स्तर पर दिनांक 17 मार्च को देहरादून उत्तराखंड जल विद्युत निगम मुख्यालय पर विशाल गेट मीटिंग करने, 27 मार्च को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह, 6 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड जल विद्युत निगम मुख्यालय पर सत्याग्रह करते हुए *7 अप्रैल मध्यरात्रि* से हड़ताल की घोषणा की गई है।_
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) के डाकपत्थर और ढालीपुर स्थित जल विद्युत परियोजनाओं की 76.73 हेक्टेयर भूमि कोनिवेदन उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से निजी क्षेत्र से आवंटित करने के निर्णय का भी कड़ा विरोध किया गया। सभी घटक संगठनों ने चेतावनी दी कि जल विद्युत परियोजनाओं के लिए सुरक्षित भूमि को अन्य प्रयोजनों में हस्तांतरित करना लखवाड, किशाऊ तथा यमुना बेसिन की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा और इसका प्रदेश के सभी बिजली कार्मिक, अवर अभियंता, अभियंता और कर्मचारी जोरदार विरोध करेंगे.
इन परिस्थितियों को देखते हुए मोर्चा ने
* यमुना परियोजना की डाकपत्थर स्थित भूमि का हस्तांतरण रद्द किया जाए।
* तीनों ऊर्जा निगम में कार्यरत उपनल, सेल्फ हेल्प तथा आउटसोर्स कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन तथा नियमितीकरण का लाभ तत्काल प्रदान किया जाये।
* वर्ष 2020 के बाद नियुक्त कार्मिकों को विद्युत टैरिफ सुविधा पूर्व की भांति प्रदान की जाए।
* 2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को प्रथम एसीपी 4600 तथा तृतीय एसीपी पूर्व की भांति 6600 ग्रेड वेतन तथा
* चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को 19 वर्ष की सेवा होने पर 4600 ग्रेड वेतन का लाभ प्रदान किया जाए।
* नियुक्ति पर मिलने वाली प्रारंभिक वेतन वृद्धि का लाभ सातवें वेतन आयोग में भी पूर्व की भांति सहायक अभियंता,अवर अभियंता तथा टेक्नीशियन को दिया जाये।
* उत्तराखंड शासन की भांति वर्ष 2005 तक निकाली गई विज्ञप्तियों के सापेक्ष नियुक्त कर्मचारियों को जीपीएफ तथा पुरानी पेंशन का लाभ दियाजाए।
* टीजी 2 तथा टी जी 1 के पदों को एक करते हुए एक पदनाम टेक्नीशियन किया जाए।
* इसकी अतिरिक्त मोर्चा के समस्या पत्र में दी गई सभी समस्याओं पर जब तक वार्ता अथवा समाधान नहीं होता तब तक मोर्चा का आंदोलन कार्यक्रम जारी रहेगा।

