मॉग मानने के अलावा सरकार एवं शासन के पास नही है कोई विकल्प, जल संस्थान के कार्मिक सरकार एवं शासन को राजकीयकरण के लिए कर देगे मजबूर- मुख्य संयोजक
मॉग मानने के अलावा सरकार एवं शासन के पास नही है कोई विकल्प, जल संस्थान के कार्मिक सरकार एवं शासन को राजकीयकरण के लिए कर देगे मजबूर- मुख्य संयोजक
देहरादून, दिनांक 18.07.2026
उत्तराखण्ड जल संस्थान अधिकारी / कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आवहान पर उत्तराखण्ड जल संस्थान के राजकीयकरण हेतु मुख्यालय पर दिया जा रहा धरना आज तेरहवें दिन भी जारी रहा। आज जल संस्थान-मुख्यालय, के कर्मचारी धरने पर बैठने हेतु उपस्थित हुये। मोर्चे के सलाहकार श्री गजेन्द्र कपिल द्वारा सब को फूल माला पहना कर स्वागत किया गया तथा उन्हें धरने पर बैठाया गया। धरने में बैठने वालों में सर्व श्री ललित कुमार, नन्दन सिंह रावत, दिनेश डोभाल, प्रदीप कुमार, दीपक रावत आदि प्रमुख हैं। आज के घरने की विशेषता यह रही है कि मुख्यालय के जितने साथी धरने पर बैठे उस से कहीं अधिक संख्या में मुख्यालय के साथी उनके सर्मथन में धारने के मंच पर आसीन हुये तथा पुरजोर तरीके से घरना एवं अपने साथियों का सर्मथन किया, तथा सभी साथियों द्वारा अश्वस्त किया गया कि मुख्यालय के सभी कार्मिक धरने के समर्थन में हैं आगामी दिवसों में उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी जायेगी, वह उसके लिए सदैव तैयार है।
मोर्चे के मुख्य संयोजक श्री नन्दलाल जोशी द्वारा इतनी अधिक संख्या में मुख्यालय के महिला एवं पुरुष कर्मचारियों के सम्मिलित होने पर आभार व्यक्त किया तथा अवगत कराया कि यह क्षण हम सब के लिए अविस्मरणीय है, मुख्यालय के कार्मिको का योगदान सदैव याद रखा जायेगा। श्री जोशी द्वारा सहायक लेखाकार से लेखाकार में प्रोन्नत हुये कार्मिको को शुभकानायें ज्ञापित की गयी तथा विश्वास जताया कि वह और अधिक प्रभावी ढंग से विभागीय एवं कर्मचारी हित के दायित्वों का निर्वहन करेगे।
धरने को सम्बोधित करते हुये मोर्चे के सलाहकार श्री गजेन्द्र कपिल द्वारा प्रोन्नत हुये सभी सहायक लेखाकारों को हार्दिक शुभकामनायें प्रेषित की गयी। श्री कपिल द्वारा सभी कर्मियों के उत्साहपूर्ण ढंग से धरने में सम्मिलित होने पर आभार व्यक्त किया तथा अवगत कराया कि सभी कर्मचारियों विश्वास रखे कि जिस मांग के समर्थन में हम सब धरने पर बैठे हैं, वह अवश्य पुरी होगी तथा हम अपना एवं अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर पायेगे।
जल संस्थान प्रबन्धन को सद्बुद्धि दे कि वह हमारी न्यायोचित मॉग को शीघ्रातिशीघ्र मानते हुये शासनादेश जारी करे। अगर इसमें देरी होती है तो कर्मचारियो द्वारा चलाये जा रहे आन्दोलन और तेज होना स्वाभाविक है, जो सभी के लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर देगा।
श्री प्रदीप थपलियाल द्वारा अवगत कराया गया कि सरकार, शासन एवं जल संस्थान प्रबन्धन यह जरूर समझे कि कार्मिको की जल संस्थान को राजकीय विभाग घोषित करने की मॉग वैसी मॉग नही जिसे अपने चातुरय से लटकाय जा सकता है। अब की बार कर्मचारी किसी भी प्रकार के झॉसे में नही आने वाला, वह विभाग के राजकीयकरण के लिए कृत संकल्प है, उस से कम पर किसी भी दशा में समझौता नही करेगा।
उत्तरकाशी शाखा से धरने पर पधारे श्री रमेश सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि उत्तरकाशी शाखा में कतिपय अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के साथ किये जो असहज व्यवहार कर रहे है, जिस पर मोर्चे को तत्काल ध्यान दिया जाना होगा। किसी भी दशा में कर्मचारियो के साथ असहज व्यवहार स्वीकार नही किया जायेगा।
उक्त के अतिरिक्त श्री भूपेन्द्र सिंह चौहान, श्री विरेन्द्र सिंह सजवाण, श्री दलीप रावत, श्री सुनील कुमार, श्री कृष्ण बहादुर थापा, श्री नन्दन सिंह रावत, श्री पंकज, श्री संजय भारती श्री आनन्द सिंह रावत, श्री मुकेश जोशी, श्री विमल भण्डारी, हरीष कण्डारी, श्री अमित पाण्डे, श्री अतुल तोमर, श्री ललित कुमार, श्री कुणाल शर्मा, श्री कमलेश, श्री विकास भट्ट आदि कार्मिको ने भी अपने विचार रखे।
धरना स्थल पर पहुँच कर अपना समर्थन प्रदान करने वालें में श्री सुधीर काला, श्री अतुल तोमर, श्रीमती वन्दना, श्रीमती सुमन, श्री अमजद खान, श्रीमती सोनम कबटीयाल, श्रीमती अनुजा भट्ट, श्रीमती सपना, श्रीमती ललिता, श्री नवीन तिवारी, श्रीमती कीर्ति बंसल, श्रीमती निशा बिष्ट, कु० दिव्य भारती, श्री सबल सिंह, श्री अमित कुमार, श्री विशाल शर्मा, श्री सुंदेश कुमार, श्री महेश प्रसाद, श्री संजय सिंह, श्री योगेश, श्री दीपक, श्री रोहित सिंह, श्री संजय भारती, आदि प्रमुख रहे।

