तीज उत्सव में सीएम धामी ने किया मातृशक्ति का सम्मान, कहा- ‘सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखण्ड’ के संकल्प को मिल रही नई मजबूती

0
Oplus_16908288

Oplus_16908288

तीज उत्सव में सीएम धामी ने किया मातृशक्ति का सम्मान, कहा- ‘सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखण्ड’ के संकल्प को मिल रही नई मजबूती

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को भाऊवाला में तीज उत्सव के अवसर पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति से आत्मीय संवाद करते हुए उनके विचार, सुझाव एवं अपेक्षाएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियां तभी अधिक प्रभावी बनती हैं, जब उनमें जनता की आवाज और अनुभव शामिल हों। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की मातृशक्ति राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है और आने वाले समय में भी प्रदेश के विकास एवं समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ‘सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखण्ड’ के संकल्प को साकार करने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों में परिवार, समाज और प्रदेश को नई दिशा देने का कार्य किया है। राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर वर्तमान विकास यात्रा तक मातृशक्ति की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें अवसर, सम्मान, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है। उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, लखपति दीदी, मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भी महिलाओं की शिक्षा, स्वरोजगार, कौशल विकास, आजीविका, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत तथा सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। एकल महिला स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे मंच विकसित किए जा रहे हैं। वहीं ‘ड्रोन दीदी’, ‘सोलर सखी’ और ‘महिला सारथी’ जैसी पहल महिलाओं को आधुनिक तकनीक और नए आर्थिक अवसरों से जोड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सम्मान को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ईजा-बोई शगुन, महालक्ष्मी किट, पोषण योजनाएं, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि, नंदा गौरा योजना, वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क धार्मिक यात्रा जैसी योजनाएं सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed