जल संस्थान कर्मचारी संघ ने अपर सचिव के सामने रखीं छह प्रमुख मांगें
जल संस्थान कर्मचारी संघ ने अपर सचिव के सामने रखीं छह प्रमुख मांगें
पेयजल निगम से निर्मित व हस्तांतरित योजनाएं जल संस्थान को सौंपने
12.50% सेंटेज देने और ओएंडएम अवधि पूरी होने के बाद योजनाओं का जिम्मा जल संस्थान को देने की मांग
देहरादून। उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अपर सचिव के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं। संघ ने उत्तराखण्ड जल संस्थान को राजकीय विभाग घोषित करने के साथ ही आवश्यक सेवा का दर्जा देने की मांग की है। संघ ने कहा कि पेयजल आपूर्ति आमजन से जुड़ी अत्यंत आवश्यक सेवा है, इसलिए जल संस्थान के हित में सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
संघ ने कहा कि देश के 22 राज्यों में पेयजल आपूर्ति से संबंधित विभाग राजकीय विभाग हैं। इसी तर्ज पर उत्तराखण्ड जल संस्थान को भी राजकीय विभाग घोषित किया जाए।
संघ की दूसरी प्रमुख मांग जल संस्थान को आवश्यक सेवा विभाग घोषित करने की है। संघ का कहना है कि पेयजल जैसी अति आवश्यक सेवा को देखते हुए जल संस्थान को आवश्यक सेवा का दर्जा मिलना जरूरी है।
तीसरी मांग के तहत संघ ने पेयजल निगम द्वारा निर्मित तथा पूर्व में जल संस्थान से पेयजल निगम को हस्तांतरित की गई सभी पेयजल योजनाओं को वापस जल संस्थान को सौंपने की मांग की है। संघ ने संबंधित अधिनियम एवं नियमों का हवाला देते हुए कहा कि योजनाओं के निर्माण और अनुरक्षण की व्यवस्था के अनुरूप इन योजनाओं का संचालन एवं अनुरक्षण जल संस्थान के माध्यम से किया जाना चाहिए।
संघ ने चौथी मांग में पेयजल निगम की तर्ज पर जल संस्थान को भी 12.50 प्रतिशत सेंटेज दिए जाने की मांग की है। संघ का कहना है कि पेयजल निगम को योजनाओं के सापेक्ष 12.50 प्रतिशत सेंटेज दिया जा रहा है, जबकि समान कार्य के लिए जल संस्थान को यह सुविधा नहीं मिल रही है।
पांचवीं मांग में शहरी विकास विभाग के माध्यम से निर्मित की जा रही पेयजल योजनाओं को ओएंडएम अवधि पूरी होने के बाद जल संस्थान को हस्तांतरित करने की मांग की गई है। संघ के अनुसार कुछ योजनाओं में पांच वर्ष और कहीं-कहीं 18 वर्ष तक की ओएंडएम व्यवस्था रखी गई है। इस अवधि के बाद योजनाओं को सामान्य रख-रखाव और राजस्व वसूली के लिए जल संस्थान को वापस सौंपा जाना चाहिए।
छठी मांग के तहत संघ ने वर्तमान में पेयजल निगम द्वारा शहरी निकायों में किए जा रहे पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन कार्य से संबंधित योजनाओं को भी निर्माण पूरा होने के बाद जल संस्थान को हस्तगत करने की मांग की है।
संघ ने अपर सचिव के धरना स्थल पर पहुंचकर वार्ता करने पर उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल संस्थान के कार्मिक अपनी मांगों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूरा किए जाने की अपेक्षा कर रहे हैं।
