UPCL में सीधी भर्ती और पदोन्नत सहायक अभियंताओं के मध्य चल रहे दशकों पुराने विवाद पर माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने लगाया विराम, पदोन्नत सहायक अभियंताओं की सभी पिटीशन हुई “डिस -मिस”

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UPCL में सीधी भर्ती और पदोन्नत सहायक अभियंताओं के मध्य चल रहे दशकों पुराने विवाद पर माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने लगाया विराम, पदोन्नत सहायक अभियंताओं की सभी पिटीशन हुई “डिस -मिस”

देहरादून।उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के लिए बुधवार सुनहरा दिन रहा, चयन वर्ष 2008-09 में सीधी भर्ती और पदोन्नत सहायक अभियंताओं के मध्य चल रहे दशकों पुराने सीनियरिटी से सम्बंधित अनेकों विवादों में पदोन्नत सहायक अभियंताओं की सभी पिटीशन को माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने डिस-मिस करते हुए उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी की अनुशंसा पर बनी सीनियरिटी लिस्ट सही ठहराते हुए ठप्पा मार दिया है। यह विवाद समाप्त होने पर लगभग 50 सहायक अभियंता अब अधिशासी अभियंता पद पर पदोन्नति पा जायेंगे जो पिछले 10 वर्ष से पदोन्नति की उम्मीद लगाये बैठे थे।

हालांकि विस्तृत जजमेंट आना बाकी है लेकिन डिसमिस हुई सभी पिटीशन पर उत्तरांचल पावर इन्जीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इं० मुकेश कुमार द्वारा हर्ष जताते हुए कहा है कि यह जजमेंट पूरे भारत के लिए नजीर बनेगा।

इं० मुकेश कुमार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए यह भी कहा गया कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है, सत्य कभी मर नहीं सकता है।

इं० मुकेश कुमार द्वारा विशेष रूप से माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में सभी नागरिकों को पूरा न्याय मिल रहा है जिसके लिए राज्य सरकार भी हर संभव प्रयास कर रही है।

इं० मुकेश कुमार द्वारा इस तथ्य पर भी जोर दिया गया कि श्री पी०सी० ध्यानी जी द्वारा जुलाई 2026 से उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का पदभार ग्रहण करते ही कर्मचारियों व अभियंताओं के वर्षों पुराने लंबित व धूल फांक रहे काम फटाफट पूरे हो रहे हैं।

UPCL में ही पिछले ढाई महीनो में पचासों कर्मचारियों की पदोन्नति हो गई है, ACP पाये कर्मचारियों की लम्बी चौड़ी लिस्ट और बड़ी होती जा रही है, चार्जशीट के निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक मोड़ अपना लिया गया है, पारिवारिक व चिकित्सीय जरूरतमंद कर्मचारियों के आसानी से स्थानान्तरण हो रहे हैं जो पिछले 5-6 वर्षों से पेंडिंग चल रहे थे। समान कार्य और समान वेतन पर तुरंत निर्णय लेना और वेतन जारी करना प्रबन्धन व सरकार के लिए लोक हित में एक मिसाल है। उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मुहैया करना और उच्च सुविधाएं उपलब्ध कराना, प्रबन्धन के लिए मिशन बन गया है जिस पर लगातार सुधार के आयाम बन रहे हैं।

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