सीआईएमएस कॉलेज में युवा संवाद: नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की ताकत
सीआईएमएस कॉलेज में युवा संवाद: नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की ताकत
राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने युवाओं से किया संवाद, नशे के खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होने का आह्वान
देहरादून। सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में “नशा-मुक्त युवा: विकसित भारत का भविष्य एवं वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पेशेवरों की भूमिका, अवसर, कौशल एवं संभावनाएं” विषय पर सजग इंडिया की ओर से युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) स्व. जनरल बिपिन रावत के नाम पर स्थापित सभागार का लोकार्पण किया तथा सजग इंडिया की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सजग इंडिया एवं सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने मुख्य अतिथि एवं सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने सजग इंडिया द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस एवं उत्तराखण्ड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में सजग इंडिया पिछले लगभग डेढ़ दशक से युवाओं के बीच युवा संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है।
उन्होंने बताया कि सजग इंडिया का यह अभियान उत्तराखण्ड के 13 जनपदों के 95 ब्लॉकों तक पहुंच चुका है। हाल ही में प्रदेश के प्रथम गांव माणा से भी इस अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को अब गंगा से गंगासागर और कश्मीर से कन्याकुमारी तक ले जाने का लक्ष्य है। देश के प्रत्येक युवा को नशामुक्त बनाने तक यह अभियान जारी रहेगा।
नशे के खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होना होगा: राज्यपाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहा कि आज बेहद खुशी हुई कि पूरा परिवार एक साथ एकत्र होकर नशामुक्त युवा का संकल्प ले रहा है। हमने प्रतिज्ञा और शपथ ली है। नशे के विरुद्ध इस लड़ाई में पूरे परिवार को एकजुट होना पड़ेगा। इसमें शिक्षक, डॉक्टर, दोस्त और समाज के प्रत्येक व्यक्ति का साथ होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ संवाद के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि सभी के मन में यह भावना है कि ड्रग्स के खिलाफ कैसे लड़ाई लड़ी जाए। ड्रग्स हमारे परिवार और समाज को बर्बाद कर रहा है। जब कोई व्यक्ति पहली बार गलत कदम उठाता है तो उसके लिए पीछे लौटना मुश्किल हो जाता है। हमें अपने बच्चों को डॉक्टरों तक पहुंचने और जीवन बर्बाद होने की स्थिति से बचाना होगा। उस मां और उस परिवार की पीड़ा को समझना होगा, जिसका बेटा या बेटी नशे की गिरफ्त में आ जाता है।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार, समाज, देश और प्रत्येक व्यक्ति की सोच होनी चाहिए कि हम नशे के विरुद्ध एकजुट होकर युद्ध लड़ें। उन्होंने सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में नशे के खिलाफ किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सजग इंडिया के माध्यम से पिछले 18 वर्षों में 8 लाख से अधिक युवाओं तक पहुंचकर नशे के खिलाफ जागरूकता का कार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि आगे भी बहुत काम करने की जरूरत है। उन्होंने एडवोकेट ललित मोहन जोशी से कहा कि अभियान का विषय और सोच बहुत सुंदर है और जिम्मेदारी केवल उत्तराखण्ड की सवा करोड़ आबादी तक पहुंचने की नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज तक इस संदेश को पहुंचाने की है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी 2 अगस्त से 100 सप्ताह के नशामुक्त भारत अभियान की शुरुआत की है। गृह मंत्रालय और देश की विभिन्न एजेंसियां भी ड्रग्स के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं और अच्छा कार्य कर रही हैं। लेकिन इस अभियान में हम सभी का जुड़ना बेहद जरूरी है। युवाओं को देखकर विश्वास होता है कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के सामने ड्रग्स एक बड़ी चुनौती है। सीमाओं के रास्ते ड्रग्स केवल नशे के रूप में नहीं आ रहा, बल्कि इसके साथ आतंकवाद की चुनौती भी जुड़ी हुई है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस लड़ाई में अपनी भूमिका निभानी होगी।
संवाद से ही समाधान मिलेगा
राज्यपाल ने कहा कि “संवाद से ही समाधान मिलेगा।” हमें सभी से संवाद करना पड़ेगा, उनकी बात सुननी होगी और उनकी समस्याओं को समझना होगा। कई बार युवा गलतफहमियों के कारण नशे की ओर चले जाते हैं। इसलिए युवाओं को सही जानकारी और सकारात्मक दिशा देना जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने अंदर के सेल्फ-कंट्रोल को मजबूत करें और स्वयं पर नियंत्रण रखना सीखें। जीवन में संकल्प लेना जरूरी है। युवाओं को खुली आंखों से सपने देखने चाहिए और अनगिनत सपने देखने चाहिए। जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, तब तक रुकना नहीं चाहिए। अपने अंदर के जोश और ऊर्जा का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों में करें और उसे नशे वाली चीजों की ओर न जाने दें। आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए युवाओं को स्वयं से संवाद करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अपने आप पर विश्वास रखें। शीशे के सामने खड़े होकर स्वयं से बात करें और अपने लक्ष्य को याद करें।
राज्यपाल ने मोबाइल के गलत इस्तेमाल और शराब के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन चीजों ने समाज को काफी प्रभावित किया है। उत्तराखण्ड में पर्यटन के लिए आने वाले लोगों को केवल मौज-मस्ती की सोच के बजाय प्रदेश की संस्कृति, प्रकृति और स्वस्थ वातावरण का सम्मान करना चाहिए।
नर्सिंग एवं पैरामेडिकल क्षेत्र के युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे मेडिकल क्षेत्र से जुड़ने जा रहे हैं और यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है। “नर्स का मतलब है—मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं।” उन्होंने युवाओं से अच्छे दोस्त बनाने और अपनी संगत को सही रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि गलत संगत को छोड़ देना चाहिए, क्योंकि संगत का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने युवाओं से अपने जीवन का नियंत्रण स्वयं अपने हाथ में रखने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के भविष्य को बर्बाद कर सकता है। इसलिए अपने जीवन, लक्ष्य और भविष्य का नियंत्रण किसी नशे या गलत आदत के हाथ में न दें। स्वस्थ और नशामुक्त युवा ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।
नर्सिंग एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में बढ़ रही संभावनाएं
इस अवसर पर सीआईएमएस कॉलेज के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर डॉ. महेश कुडियाल ने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में कौशल, संभावनाओं और अवसरों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से संवाद किया। उन्होंने हेल्थ सेक्टर में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर पद्मश्री डॉ. आर. के. जैन ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद वह पहली बार उत्तराखण्ड में नर्सिंग शिक्षा लेकर आए थे। तब से आज तक लगातार बड़ी संख्या में युवा यहां से शिक्षा प्राप्त कर देश के महत्वपूर्ण संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पेशेवरों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।
1500 से अधिक युवाओं ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह, हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल, कैलाश अस्पताल के निदेशक पवन शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी देहरादून दीपांकर घिल्डियाल, संयुक्त निदेशक विधि गिरीश चन्द्र पंचोली, दैनिक जागरण के संपादक मनोज झा, वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र सती,केयर कॉलेज के चेयरमैन राजकुमार शर्मा, सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी, सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 1500 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया। युवाओं ने नशे से दूर रहने, अपने साथियों को भी नशे से बचाने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश आगे बढ़ाने की शपथ दिलाई गई।


