जल संस्थान कर्मचारी संगठन ने उठाईं लंबित मांगें, 30 दिन में निस्तारण की मांग
जल संस्थान कर्मचारी संगठन ने उठाईं लंबित मांगें, 30 दिन में निस्तारण की मांग
पेयजल विभाग को राजकीय विभाग घोषित करने समेत सात प्रमुख मांगों को लेकर मुख्य महाप्रबंधक को सौंपा मांग पत्र
देहरादून, 21 अक्टूबर। उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संगठन ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य महाप्रबंधक, उत्तराखण्ड जल संस्थान को मांग पत्र भेजा है। संगठन ने अपनी सात प्रमुख मांगों को रखते हुए प्रबंधन और शासन से 30 दिन के भीतर इनका निस्तारण करने की मांग की है।
संगठन के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को प्रबंधन के समक्ष रखकर उनके शीघ्र क्रियान्वयन की मांग की जाए।
पेयजल विभाग को राजकीय विभाग घोषित करने की मांग
संगठन की पहली प्रमुख मांग है कि पेयजल विभाग को आवश्यक सेवा की दृष्टि से राजकीय विभाग घोषित किया जाए। संगठन ने यूयूएसडीए और उत्तराखण्ड पेयजल निगम को पेयजल योजनाओं के रखरखाव एवं संचालन के लिए जारी आदेशों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। साथ ही, पूर्व की भांति पेयजल योजनाओं का रखरखाव, संचालन और राजस्व वसूली का कार्य उत्तराखण्ड जल संस्थान से ही कराए जाने की मांग उठाई है।
पंप चालकों और फिटर संवर्ग के वेतनमान में संशोधन
संगठन ने विभाग में कार्यरत पंप चालकों को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और सिंचाई विभाग की तर्ज पर 2400 रुपये ग्रेड पे देने की मांग की है। इसके साथ ही पंप चालकों के लिए तीसरा पदोन्नति पद सृजित करने की मांग भी रखी गई है।
पाइपलाइन फिटर संवर्ग के लिए ग्रेड पे 2400 रुपये, हेड फिटर के लिए 2800 रुपये और पाइपलाइन अधीक्षक के लिए 4200 रुपये ग्रेड पे निर्धारित करने की मांग की गई है।
दैनिक, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग
कर्मचारी संगठन ने विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा, उपनल, आउटसोर्स और अंशकालिक पीटीसी कार्मिकों के नियमितीकरण की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि इन कार्मिकों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
विभागीय ढांचे में पद बढ़ाने की मांग
संगठन ने विभागीय ढांचे में समाप्त हो चुके पदों को पुनर्जीवित करने के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और लेखाधिकारी के पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त सभी संवर्गों की वरिष्ठता सूची जारी करने और शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों को देय वर्दी भत्ते अथवा वर्दी संबंधी भुगतान किए जाने की मांग भी मांग पत्र में शामिल है।
प्रबंधन से समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा
संगठन ने उम्मीद जताई है कि प्रबंधन और शासन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित 30 दिनों के भीतर मांगों का निस्तारण करेंगे। मांग पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सचिव पेयजल, श्रम विभाग के अधिकारियों, जल संस्थान के संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारी संगठनों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
मांग पत्र प्रदेश महामंत्री श्याम सिंह नेगी सहित संगठन के पदाधिकारियों की ओर से जारी किया गया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान विभागीय व्यवस्था और कर्मचारी हितों के लिए आवश्यक है।

