निगम कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की पहल तेज, 13 नवंबर को शासन में होगी अहम बैठक
निगम कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की पहल तेज, 13 नवंबर को शासन में होगी अहम बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव कार्मिक ने बुलाई बैठक, दैनिक, संविदा, उपनल, आउटसोर्स और विशेष श्रेणी के कार्मिकों के नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों पर होगी चर्चा
देहरादून। उत्तराखंड के सार्वजनिक निगमों, निकायों और उपक्रमों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में शासन स्तर पर पहल तेज हो गई है। राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ की मांगों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद अब 13 नवंबर 2026 को शासन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। सचिव कार्मिक की ओर से बैठक की तिथि निर्धारित करते हुए संबंधित सार्वजनिक निगमों के प्रबंध निदेशकों को इसमें उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने सार्वजनिक निगमों, निकायों और उपक्रमों में कार्यरत दैनिक वेतन, संविदा, विशेष श्रेणी, उपनल, आउटसोर्स, अंशकालिक एवं पीटीसी कार्मिकों के नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव एवं सचिव कार्मिक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही परिवहन निगम समेत अन्य सार्वजनिक निगमों के कार्मिकों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रकरणों का निस्तारण करने को कहा था।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पूर्व में बैठक प्रस्तावित की गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा। अब सचिव कार्मिक ने 13 नवंबर को पुनः बैठक बुलाते हुए परिवहन निगम, वन विकास निगम, गढ़वाल मंडल विकास निगम, कुमाऊं मंडल विकास निगम, पेयजल निगम एवं जल संस्थान सहित संबंधित निगमों के प्रबंध निदेशकों को महासंघ के मांगपत्र के अनुरूप यथोचित समाधान के लिए बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उद्योग, वित्त एवं कार्मिक विभाग के सचिवों की मौजूदगी में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
महासंघ के संरक्षक बीएस रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस पहल को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन से हजारों दैनिक वेतनभोगी, संविदा, विशेष श्रेणी, उपनल एवं पीटीसी कार्मिकों के नियमितीकरण को लेकर ठोस कार्रवाई की उम्मीद जगी है। इसके साथ ही सार्वजनिक निगमों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों के भुगतान और 2000 रुपये ग्रेड वेतन सहित अन्य मांगों के समाधान की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश पंत एवं प्रदेश महासचिव श्याम सिंह नेगी ने कहा कि शासन स्तर पर बैठक बुलाया जाना कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 13 नवंबर को होने वाली बैठक में महासंघ की 10 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर कर्मचारियों के हित में ठोस निर्णय लिए जाएंगे।

