उत्तराखंड

पेयजल निगम MD का नया फरमान एक ही अधिकारी को दी ऋषिकेश औऱ गोपेश्वर की कमान

देहरादून।उत्तराखंड में भाजपा सरकार की जीरो टालरेंस नीति के दावे के बीच विभागों में अधिकारियों की मनमर्जी चल रही है। पेयजल निगम में तो शासन और प्रबंधन की नाक के नीचे तबादले का ‘खेल’ चल रहा है। उत्तराखंड पेयजल निगम एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार मामला पेयजल निगम के एक ही परियोजना प्रबंधक को दो जिलों में एक साथ चार्ज देने का है।जबकि इन दो जिलों की बीच की दूरी लगभग 270 किलोमीटर है।

ताजा मामला ऋषिकेश का है।यहाँ आर .के.सिंह परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) में परियोजना प्रबंधक के पद में कार्यरत थे जिनका रिटायरमेंट इसी साल 31 मार्च को हो गया है।नियमानुसार परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) में नए परियोजना प्रबंधक की तैनाती की जानी चाहिए थी ।अनुरक्षण इकाई (गंगा) निकटवर्ती हरिद्वार में गंगा इकाई होने एवं ऋषिकेश तथा मुनी की रेती में अन्य शाखायें होने के बावजूद, गोपेश्वर के शाखा अधिकारी को ऋषिकेश का अतिरिक्त प्रभार देना नियम के विरुद्ध है।

उत्तराखंड पेयजल निगम के एमडी उदयराज सिंह ने इंजीनियर संजीव कुमार वर्मा जो कि परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई(गंगा) गोपेश्वर,चमोली में तैनात है उनको ऋषिकेश शाखा का भी अतिरिक्त चार्ज दे दिया है जो की नियम विरुद्ध है।एक ही अधिकारी को पेयजल निगम की दो शाखाओं का प्रभार कैसे दिया जा सकता है जबकि दोनों शाखाओं के बीच 270 किलोमीटर की दूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *