उत्तराखंड

यमुना परियोजना भूमि हस्तांतरित किये जाने के विरोध में आंदोलन

यमुना परियोजना भूमि हस्तांतरित किये जाने के विरोध में आंदोलन।

देहरादून।आज दिनांक 19 फरवरी 2026 को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा यमुना घाटी कीएक सभा महाप्रबंधक कार्यालय डाकपत्थर विद्युत भवन पर आयोजित की गई।

आज कीसभा में यमुना परियोजना की भूमि को यूआई आईबी को हस्तांतरित किए जाने के विरोध में , 2020 के बाद नियुक्त किए गए कार्मिकों के लिए विभागीय विद्युत संयोजन किए जाने, उपनल संविदा कार्मिकों के लिए नियमितीकरण समान कार्य समान वेतन, कालोनी में बनाए गए मकानो को आवंटित किए जाने , पुरानी पेंशन व्यवस्था, एवं केंद्र द्वारा दिए गए 19 सूत्रीय समस्या पत्र आदि विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श तथा समाधान न होने पर दिनांक 20 फरवरी से आंदोलन नोटिस दिए जाने की सहमति बनी।

आज की सभा राकेश शर्मा ,गोपाल बिहारी, संजय राणा, पंकज नैथानी, संतोष मधवाल, अजीत पवार, भगवान प्रसाद, सुभाष सिंह, विवेककुमार, आनंद शर्मा, संजय सत्संगी, अजय कुमार सिंह, प्रेम प्रकाश, विकास पुंडीर ,पंकज सैनी, विनीत कुमार, अमित बहुगुणा आदि उपस्थितरहे।

इस क्रम में चरणबद्ध आंदोलन का नोटिस महाप्रबंधक यमुना घाटी प्रथम,अधिशासी निदेशक जानपद, तथा प्रबंध निदेशक उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को भेजा गया है। प्रथम चरण में 21 फरवरी से सभी कर्मचारी काली फीती बांधकर अपना विरोध प्रदर्शित करेंगे। समाधान न होने पर अगले चरण में प्रतिदिन गेट मीटिंग तथा उसके बाद धरना कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा।

सभी संगठनों ने नियोजन विभाग के द्वारा निकाले गए शासन आदेश को निरस्त करने तथा ऊर्जा परियोजनाओं की भूमि ऊर्जा के कार्यों हेतु ही इस्तेमाल करने की मांग रखी। मोर्चा ने अपने नोटिस में स्पष्ट लिखा कि जब तक निगम की महत्वपूर्ण भूमि के विषय में किए गए आदेश पर समाधान नहीं होता मोर्चा के सभी घटक संघ के सदस्य निगम के द्वारा आयोजित किसी भी समारोह, क्रीडा प्रतियोगिता आदि का बहिष्कार करेंगे।

मोर्चा द्वारा 6 मार्च के बाद प्रतिदिन महाप्रबंधक कार्यालय पर गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी एवं उसके पश्चात भी कार्यवाही नहीं होती है तो फिर धरना कार्यक्रम प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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