उत्तराखंड

कल से प्रारंभ की जाएगी महाप्रबंधक यमुना घाटी प्रथम डाकपत्थर के कार्यालय पर गेट मीटिंग

कल से प्रारंभ की जाएगी महाप्रबंधक यमुना घाटी प्रथम डाकपत्थर के कार्यालय पर गेट मीटिंग

देहरादून।आज दिनांक 5 मार्च 2026 को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की यमुना घाटी परियोजना कार्यकारिणी द्वारा दिए गए आंदोलन नोटिस के अनुसार सभी कार्मिकों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया |मोर्चा की यमुना कार्यकारिणी के द्वारा अपने नोटिस में स्पष्ट किया गया है जब तक भूमि हस्तांतरण संबंधित शासनादेश को निरस्त अथवा संशोधित नहीं किया जाता तब तक

मोर्चा के द्वारा अपना कार्यक्रम यथावत जारी रखा जाएगा। जिसमें कर्मचारी प्रतिदिन काली पट्टी बांधकर कार्यस्थल पर विरोध दर्ज करेंगे।

मोर्चा के द्वारा राज्य स्तर पर 19 सूत्रीय समस्या पत्र, तथा महाप्रबंधक यमुना घाटी को दिए गए आंदोलन नोटिस के क्रम में स्पष्ट किया गया कि 6 मार्च के पश्चात महाप्रबंधक कार्यालय पर गेट मीटिंग एवं विरोध सभा आयोजित की जाएगी। मोर्चा के समस्त घटक संगठनों के सदस्यों द्वारा आक्रोश प्रकट किया गया कि निगम के स्तर पर किसी भी वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।

मोर्चा के पदाधिकारीयो द्वारा स्पष्ट कर दिया गया भूमि हस्तांतरण संबंधी शासन आदेश के निरस्त होने तक डाकपत्थर मुख्यालय पर किसी भी समारोह अथवा आयोजन में मोर्चा के द्वारा आगे भी बहिष्कार किया जाएगा|

आज विभिन्न पावर हाउस छिबरो खोदरी, डाकपत्थर बैराज,व्यासी पावर हाउस,इछाडीडैम एवं पीसीएम,लखवाड कार्यालय में संजय राणा, मनजीत सिंह तोमर,महेंद्र चौहान, प्रेम प्रकाश, आनंद शर्मा, जगदीश जोशी, सुभाष सिंह, रमेश जोशी, राजेशतिवारी, संदीप रवि, सुभाष सिंह अभिलाष यादव, , पंकज रावत, याकूब अली, पंकज नैथानी, जॉनी गुलरिया, प्रेम प्रकाश, संजय सत्संगी, भगवान प्रसाद,राजेश चंद्र तिवारी, विनीत सैनी , अनूप चौहान , मनवर सिंह खाती,सुल्तान सिंह, दिग्विजय सिंह रावत, अजय कुमार सिंह वेदपाल आर्य, सुमित्रा , माया तोमर,रेनू तोमर, विवेक कुमार, संजीव कुमार, रमेश कुमार, सुनील, मोहम्मद रियाज , संदीप रवि, नवीन लाल वर्मा, जयपाल तोमर, अरविंद तोमर, आशीष, संतोष मधवाल, पूर्ण प्रसाद, विकास पुंडीर,जागीर , राजेंद्र कापड़ी, , बच्चन सिंह, जागीर राणा, मोहम्मद रियाज, गोविंद सजवान, , आदि के द्वारा भाग लिया गया तथा सभी कर्मचारियों द्वारा काली पट्टी बांधकर ही कार्य कियागया।

मोर्चा द्वारा वर्तमान में चलाए जा रहे जन जागरण एवं आंदोलन तथा 7 अप्रैल से होने वाली हड़ताल को भी सफल बनाने का विश्वास जताया। मोर्चा के पदाधिकारी द्वारा कहा गया कि तीनों निगम के प्रबंधन द्वारा कार्मिकों की समस्याओं पर उदासीनता बरती जा रही है तथा किसी भी विषय पर वार्ता अथवा समाधान नहीं किया गया है।

मोर्चा के द्वारा स्पष्ट किया गया कि दिए गए नोटिस के अनुसार 26 मार्च को पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह तथा 6 अप्रैल को जल विद्युत निगम मुख्यालय पर विशाल सत्याग्रह किया जाएगा तथा 7 अप्रैल की प्रथम पाली से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

नोटिस के अनुसार मोर्चा के द्वारा यमुना परियोजना की भूमि व्यावसायिक निर्माण कार्य हेतु दिए जाने के शासनादेश को निरस्त किए जाने के विरुद्ध यमुना घाटी के कार्मिकों द्वारा चलाए जा रहे हैं आंदोलन को सफल किया जाएगा।

सभा के वक्ताओं ने आक्रोश प्रकट किया कि 19 सूत्रीय समस्या पत्र को दिए हुए काफी समय होने के बाद भी तीनों पर निगमो के प्रबंधन के द्वारा उसे विषय में कोई कार्यवाही समाधान अथवा वार्ता नहीं की गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि शासन को कार्मिकों की समस्याओं के विषय में कोई चिंता नहींहै।

मोर्चा की बैठक में तीनों ऊर्जा निगमो में पूर्व की भांति 2600 ग्रेड वेतन वाले कार्मिकों की एसीपी,विभागीय विद्युत टैरिफ सुविधा, शासन में प्रदान की गई 2005 तक की गयी नियुक्तियों के सापेक्ष पुरानी पेंशन योजना लागू करने, उपनल संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारीयो के लिए समान कार्य समान वेतन ,सभी अलाउंस तथा नियमितीकरण की मांग, तकनीकी विषम परिस्थितियों परिस्थितियों के कारण प्रदान किए जाने वाले प्रारंभिक वेतन वृद्धियां, चतुर्थ श्रेणीकार्मिकों को तीसरी एसीपी पूर्व की भांति 4600 प्रदान किए जाने, नहीं बनाए गए,एसीपी के कारण हुई रिकवरी एवं कटौती को रद्द किए जाने, निगमो में रिक्त पदों पर भर्तियां करने, चतुर्थ श्रेणी,टेक्नीशियन एवं कार्यालय सहायक को विभागीय मोबाइल सुविधा प्रदान करने जैसी 19 सूत्रीय मांगों पर दिए गए कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इस क्रम में अगले सप्ताह में धरना प्रदर्शन आदि भी किया जाएगा।

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