सार्वजनिक निगमों/निकायों/ उपकर्मों में कार्यरत कार्मिकों की समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की सूचना विषयक
माननीय मुख्यमंत्री जी. उत्तराखण्ड सरकार, देहरादून।
विषय: सार्वजनिक निगमों/निकायों/ उपकर्मों में कार्यरत कार्मिकों की समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की सूचना विषयक ।
महोदय
उपरोक्त विषयक सादर अवगत कराना है कि सार्वजनिक निगमों/निकायो/उपकर्मों में दैनिक वेतन/संविदा/विशेष श्रेणी/उपनल/पी०टी०सी०/आउट सोर्स कार्मिकों के नियमितीकरण एवं अन्य मांगों के निराकरण के सम्बन्ध में महासंघ द्वारा पत्रांक संख्या 02 दिनांक 22.03.2025, पत्रांक संख्या-03 दिनांक 22.03.2025, पत्रांक संख्या-07 दिनांक 15.04.2025, पत्रांक संख्या-09 दिनांक 27.05.2025, पत्रांक संख्या-10 दिनांक 27.05.2025 एवं पत्रांक संख्या-12 दिनांक 12.08.2025, पत्रांक संख्या 14 दिनांक 23.08.2025, पत्रांक संख्या 17 दिनांक 30.09.2025, पत्रांक संख्यां मैगों दिनांक 14.10.2025, पत्रांक संख्या मैमो दिनांक 30.10.2025, पत्रांक संख्या-20 दिनांक 09.12.2025, पत्रांक संख्या-21 दिनांक 09.12.2025, पत्रांक सख्या-38 दिनांक 16.12.2025 एवं पत्रांक संख्या 31 दिनांक 20.12.2025 के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने हेतु अनुरोध किया गया था। मांगों का विवरण निम्नानुसार है:-गांग संख्या-1
(अ) सार्वजनिक निगम / निकाय/संस्थान/उपक्रमों में कार्यरत संविदा/उपनल/आउटसोर्स विशेष श्रेणी, दैनिक वेतन, पी०टी०सी०, कार्मिकों को शीघ्र नियमित करते हुये सामाजिक सुरक्षा प्रदान किया जाये।

(ब) सार्वजनिक निगम / निकाय/संस्थानों/उपक्रमों में संरचनात्मक ढाँचों का पुर्नगठन करते हुये, रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाये।
(स) सार्वजनिक निगमों में जॉब वर्क के नाम पर ठेकेदारी प्रथा को शीघ्र समाप्त किया जाये।

मांग संख्या-2 माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में हुई बैठक के अनुसार राज्य कर्मचारियों के हित में होने वाले सभी शासनादेशों को सार्वजनिक निगमों निकायों संस्थानों में यथावत लागू किया जाये।
मांग संख्या-3 वेतन विसंगति समिति की रिपोर्ट कार्मिकों के हित में शीघ्र सार्वजनिक किया जाये।
मांग संख्या-4 ए०सी०पी० 10,16,26 पूर्व की भाँति सभी निगमों में शीघ्र अनुमन्य कराया जाये।
मांग संख्या-5 माननीय न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों को शीघ्र लागू किया जाये।
मांग संख्या-6 सार्वजनिक निकायों, निगमों, संस्थानों में वर्ष 2014 के पश्चात् कार्यरत सभी कार्मिकों को पेंशन
लागू किया जाये।
मांग संख्या-7 गोल्डन कार्ड के अन्तर्गत मिलने वाली सुविधायें कुछ निजी चिकित्सालयों द्वारा बंद कर दी गयी है, जबकि कार्मिकों के वेतन से प्रतिमाह कटौती की जा रही है साथ ही कार्मिकों के स्वास्थ्य प्राधिकरण में लम्बित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का शीघ्र भुगतान
किया जाये। मांग संख्या-8 सभी सार्वजनिक निगम/निकाय/संस्थानों/उपक्रमों में पदोनत्ति में सिथलीकरण, का लाभ शीघ्र अनुमन्य कराया जाये।
मांग संख्या-9 एम०ए०सी०पी० में ₹ 1900 ग्रेड पे० को समाप्त कर ₹ 2000 किया जाये, ताकि वेतन विसंतियां उत्पन्न न हो।
मांग संख्या-10 राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ की परिसंघ के रूप में मान्यता हेतु शासन में सार्वजनिक उद्योग विभाग में फाईल लम्बित है। अतः मान्यता प्रदान करने की कृपा करें।
महोदय उपरोक्त 10 सूत्रीय मांगों पर अद्यतन तिथि तक भी सार्वजनिक निगमों / निकायों/उपकर्मों में दैनिक वेतन/संविदा/विशेष श्रेणी/उपनल/पी०टी०सी०/आउट सोर्स कार्मिकों का न तो नियनितीकरण किया गया और न ही अन्य मांगों के निस्तारण हेतु कोई उचित कार्यवाही नहीं की गयी है। जिसके कारण सभी निगमों के कार्मिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। महासंघ कार्यसमिति की दिनांक 10.04.2026 को 66 गाँधी रोड़, देहरादून में आयोजित बैठक में सरकार एवं शासन द्वारा कार्मिकों के हित में कोई उचित कार्यवाही न किये जाने के कारण निम्नानुसार आंदोलन का निर्णय लिया गया है:-
1. दिनांक 16.04.2026 को प्रेस कॉन्फ्रेन्स कार्यक्रम किया जायेगा।
2. दिनांक 23.04.2026 को हल्द्वानी बस अड्डे पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
3. दिनांक 30.04.2026 को गढवाल मण्डल विकास निगम कार्यालय हरिद्वार में धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
4. दिनांक 12.05.2026 से एकता विहार, देहरादून में क्रमिक अनशन किया जायेगा। अतः महोदय सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु सादर प्रेषित।

