उत्तराखंड पेयजल निगम में अब नहीं चलेगी ‘सेटिंग-गेटिंग’, पहाड़ नहीं चढ़ने वाले अभियंताओं की तैयार होगी सूची
उत्तराखंड पेयजल निगम में अब नहीं चलेगी ‘सेटिंग-गेटिंग’, पहाड़ नहीं चढ़ने वाले अभियंताओं की तैयार होगी सूची
देहरादून। उत्तराखंड पेयजल निगम में लंबे समय से मैदानी क्षेत्रों में तैनाती का लाभ उठा रहे अभियंताओं पर अब कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। निगम के कई अभियंता ऐसे हैं, जो अपनी सेवा अवधि के दौरान अब तक पहाड़ी क्षेत्रों में तैनाती नहीं ले पाए हैं। ऐसे अभियंताओं का ब्यौरा जुटाकर जल्द ही सूची तैयार किए जाने की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि निगम स्तर पर अभियंताओं की तैनाती और स्थानांतरण को लेकर अब पारदर्शी व्यवस्था अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष रूप से उन अभियंताओं का रिकॉर्ड देखा जाएगा, जिन्होंने लंबे समय से मैदानी क्षेत्रों में ही सेवाएं दी हैं और पहाड़ी जिलों में तैनाती से बचे हुए हैं।
विभागीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की लगातार बढ़ती जरूरत और निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए पर्याप्त तकनीकी अधिकारियों की तैनाती जरूरी है। ऐसे में लंबे समय से मैदान में जमे अभियंताओं को अब पहाड़ भेजने की तैयारी की जा रही है।
सूची तैयार होने के बाद सेवा अवधि, पूर्व तैनाती और निर्धारित नियमों के आधार पर स्थानांतरण किए जा सकते हैं। इससे मैदानी क्षेत्रों में लंबे समय से तैनाती पाने वाले अभियंताओं में हलचल बढ़ गई है।
निगम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस बार स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ‘सेटिंग-गेटिंग’ या सिफारिश को तवज्जो नहीं दिए जाने का संदेश दिया गया है। यदि सूची तैयार होती है तो लंबे समय से पहाड़ नहीं चढ़ने वाले अभियंताओं पर इसकी सीधी गाज गिर सकती है।
