उत्तराखंड

लापरवाही-आज मानसून की तैयारी बैठक में बिजली-पानी के अधिकारी नदारद

देहरादून।सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि मानसून सीजन के दौरान किसी भी आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग कमर कस लें। विभिन्न विभागों की कार्ययोजना पर जानकारी प्राप्त करने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि वह पुख्ता इंतजाम के साथ दोबारा उपस्थित हों। वहीं, चेतावनी जारी करते हुए कहा कि पुख्ता कार्ययोजना प्रस्तुत न करने वाले अधिकारियों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बताया कि मानसून सीजन से पहले उन्हें क्या-क्या तैयारी करनी है।

मानसून सीजन में कभी बिजली गुल हो जाती है तो कभी पेयजल की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इस मानसून सीजन में आवश्यक सेवाओं को निर्बाध रखने व आपदा प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) ने बैठक बुलाई तो ऊर्जा निगम व जल संस्थान के अधिकारी नदारद रहे। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डा. एसके बरनवाल, प्रभागीय वनाधिकारी नीतिशमणि त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी सदर मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी मसूरी नरेश चंद्र दुर्गापाल आदि उपस्थित रहे।

इंसिडेंट रिस्पान्स सिस्टम के नोडल अधिकारी करें निगरानी

जिलाधिकारी ने इंसिडेंट रिस्पान्स सिस्टम (आइआरएस) के नोडल व दो सह-नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह विभागीय स्तर पर बैठक करने के साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए बनाई गई टीम के कार्यो की निगरानी करें। संचार के अभाव वाले क्षेत्रों में वायरलेस सेट की व्यवस्था के साथ ही तहसील स्तर पर टीम गठित करें। संबंधित टीम को समय पर प्रशिक्षित किया भी किया जाए। तहसील स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम में रोस्टर के हिसाब से कार्मिकों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। यह भी दिए गए निर्देश गए है।

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