उत्तराखंड

उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा उत्तरप्रदेश राज्य के पूंवर्वाचल एंव दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगमों के निजिकरण के संबंध में विरोध प्रदर्शन किया

उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा उत्तरप्रदेश राज्य के पूंवर्वाचल एंव दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगमों के निजिकरण के संबंध में विरोध प्रदर्शन किया

देहरादून।आज दिनांक 07.11.2024 को उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा उत्तरप्रदेश राज्य के पूंवर्वाचल एंव दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगमों के निजिकरण के संबंध में विरोध प्रदर्शन किया गया एंव निजीकरण के इस फैसले की निंदा की।

सभा की अध्यक्षता इं० एम०एस० राणा, अधीक्षण अभियन्ता द्वारा की गई। सभा को सबोंधित करते हुए वक्ताओं ने अवगत कराया कि उत्तरप्रदेश राज्य में निजीकरण की यह कदम, पूर्व में दिनांक 06.10.2020 को तत्कालिन ऊर्जा मंत्री एंव विभिन्न संगठनो के साथ हुए लिखित समझोते के विपरित लिया जा रहा है, जो कि निंदनीय है।

वक्ताओं द्वारा यह भी अवगत कराया है कि निजीकरण का उदाहरण उडीसा के ऊर्जा निगमों में भी देखने में आया जहां पीपीपी मोड का प्रोजेक्ट फेल नजर आया और अब उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों की बारी है।

वक्ताओं यह भी अवगत कराया है कि एक ओर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत विद्युत वितरण निगमों में हजारों करोड रूपयों के सुडढ़ीकरण के कार्य गतिमान है एवं दुसरी ओर इन विद्युत वितरण निगमों को कौड़ियों के भाव निजी हाथों में सौंपा जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के समस्त सदस्य उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों व अभियंताओं के साथ है।

आज की इस सभा में वरिष्ठ उपाध्यक्ष इं० विवेक राजपूत, महासचिव इं० राहुल चानना, उपाध्यक्ष इं० सौरभ पांडे, इं० जसवंत सिंह, इं० राहुल जैन, इं० वी०एस० पंवार, इं० प्रशांत बहुगुणा, इं० प्रदीप कुमार, इं० अरूण कांत, इं० सुभाष कुमार, इं० विपिन कुमार, इं० धनंजय, इं० प्रवीण सिंह, इं० आशीष कुमार, इं० साक्षी बिष्ठ, इं० कल्पना, इं० सवीता, इं० नितु, इं० अनुज कुमार, इं० महेश रावत, इं० सिद्धार्थ अरोडा एवं अन्य अभियन्ता उपस्थित रहे।

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