उत्तराखण्ड जल संस्थान, कर्मचारी संगठन ने मुख्य महाप्रबंधक को लिखा पत्र,की ये मांग
मुख्य महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड जल संस्थान, जल भवन, बी-ब्लॉक, नेहरू कॉलोनी, देहरादून।
विषयः-
उत्तराखण्ड जल संस्थान में नियोजित जल संस्थान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों के सम्बन्ध में मांग पत्र।
महोदया,
उपरोक्त विषयक उत्तराखण्ड जल संस्थान, कर्मचारी संगठन उत्तराखण्ड प्रदेश के पत्र संख्या-11 दिनांक 26.10.2024 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करेंगी। जिसके माध्यम से आपको कर्मचारियों की मांग के सम्बन्ध में 11 सूत्री मांग पत्र आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया था। जिसके सम्बन्ध में मुख्यालय द्वारा पत्रांक संख्या-4869 दिनांक 14.11.2024 के माध्यम से संगठन को दिनांक 18.11.2024 को प्रातः 11:00 बजे वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया था। वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुयी। वार्ता के दौरान प्रबन्धक पक्ष द्वारा संगठन को आश्वस्त किया गया था कि संगठन के मांग पत्र पर प्रबन्धक पक्ष और शासन गंभीर है तथा सभी बिन्दुओं पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया गया था परन्तु लगभग 02 माह व्यतीत होने के उपरान्त भी मांगों के सम्बन्ध में कोई सकारात्मक कार्यवाही/निस्तारण नहीं किया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

अतः आपसे अनुरोध है कि पूर्व में प्रेषित मांग पत्र संख्या-11 दिनांक 26.10.2024 में उल्लेखित मांगों एवं पत्र संख्या-14 दिनांक 10.01.2025 के सम्बन्ध में 15 दिवस के अन्तर्गत आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करेंगी। कार्यवाही न किये जाने के फलस्वरूप कर्मचारी संगठन को आंदोलन. के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रबन्धन पक्ष / शासन का होगा।मांगे निम्नानुसार हैं

1- पेयजल विभाग को आवश्यक सेवा की दृष्टि से राजकीय विभाग घोषित किया जाए।
2- यू०यू०एस०डी०ए० के अन्तर्गत रख-रखाव संचालन हेतु निर्गत आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए तथा पूर्व की भांति पेयजल योजनाओं का रख-रखाव, संचालन एवं राजस्व वसूली का कार्य उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा ही कराया जाए।
3- राज्य कर्मचारी/अन्य निगमों की भांति पी०एफ० पर देय ब्याज अनुमन्य कराया जाए तथा बैंक द्वारा पी०एफ० धनराशि पर काटा जा रहा टी०डी०एस० पर तत्काल रोक लगायी जाए।
4- विभाग में कार्यरत आई०टी०आई० धारक पम्प चालकों को पी०डब्लू०डी० एवं सिंचाई विभाग की भांति 2400 ग्रेड-पे दिया जाए एवं आई०टी०आई धारक पम्प चालक का तीसरा पदोन्नत पद सृजित किया जाए साथ ही ढांचे में शिफ्ट इंचार्ज एवं पम्प अधीक्षक के पद बढ़ाये जाए।
8- विभागीय ढांचे में मृत पदों को पुर्नजीवित किया जाए।
6- समूह ‘घ’ से समूह “ग” में हाईस्कूल / इण्टर मीडिएट योग्यता धारक कार्मिकों की पदोन्नति कनिष्ठ सहायक के पद पर शीघ्र की जाए।
7- विभाग में सृजित शाखावार हैड फिटर/पाइप लाईन अधीक्षकों के पद सृजित किये जाएँ तथा हैड फिटर का ग्रेड-पे रू0 2800 एवं पाइप लाईन अधीक्षक का ग्रेड पे 4200 किया जाए।
8- शासनादेश के अनुसार कार्मिकों को वाहन भत्ता स्वीकृत किया जाए।
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– विभाग में कार्यरत संविदा, उपनल / आउटसोर्स/पी०टी०सी० श्रमिकों का नियमितीकरण किया जाए तथा पी०टी०सी० श्रमिकों को श्रम मानकों के अनुसार मासिक पारिश्रमिक बढ़ाया / अनुमन्य करायाजाए।
10-शासनादेश के अनुसार राशिकरण की सुविधा अनुमन्य करायी जाए।
11-विभागीय ढांचे को शीघ्र स्वीकृत किया जाए।
12-माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में वर्ष 2003 में विनियमित हुए सभी कार्मिकों को शीघ्र लाभ अनुमन्य कराया जाए।

