ऊर्जा निगमों के निजीकरण के विरोध में उत्तराखंड विद्युत अधिकारी- कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा
ऊर्जा निगमों के निजीकरण के विरोध में उत्तराखंड विद्युत अधिकारी- कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा
मोर्चे ने तीनों निगमों के विभिन्न कार्यालयों में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया
देहरादून।आज दिनांक 31.01.2025 को उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चे द्वारा यूजेवीएन लि०, देहरादून के प्रांगण में निजीकरण के प्रयासों के विरोध में राज्य के तीनों निगमों के विभिन्न कार्यालयों एवं परियोजनाओं में सांकेतिक विरोध प्रर्दशन किये गये।

मोर्चे के संयोजक श्री इंसारूल हक जी द्वारा सभा को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से निजीकरण की कार्यवाही को रद्द कर देनी चाहिए तथा कर्मचारी संगठनों से समन्वय स्थापित करते हुए राज्य व कार्मिक हित में निर्णय लेना चाहिए। चंडीगढ़ में ऊर्जा विभाग को Eminent Electric Company (RPG Group) को सुपुर्द करने, पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि0 के निजीकरण एवं राजस्थान में उत्पादन निगम को Joint Ventures के नाम पर निजी हाथ में सौंपने का पुरजोर विरोध जताते हुये आज देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में एकजुट रहने का आहवाहन किया गया।
आज की सभा में सर्वश्री इंसारूल हक, उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष इं० विवेक राजपूत, राजीव चक्रवर्ती, रेखा डंगवाल, हिमांशु बडोनी, अर्चित भट्ट, अनुज राणा, आशीष कुमार, पॉवर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन के पंकज सैनी, बबलू सिंह, विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कवि, हाईड्रो इलैक्ट्रिक इम्लाईज यूनियन के केन्द्रीय महामंत्री सुनील तंवर, इत्यादि उपस्थित रहे।

