उत्तराखंड

अधिकारी- कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति पेयजल निगम का मुख्यालय में धरना जारी

अधिकारी- कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति पेयजल निगम का मुख्यालय में धरना जारी

देहरादून।आज दिनांक 23.02.2026 को अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, देहरादून के बैनर तले पूर्व प्रस्तावित आन्दोलानत्मक कार्यक्रम के तहत प्रधान कार्यालय, 11-मोहिनी रोड़, देहरादून के मुख्यालय परिसर में धरना / प्रदर्शन कार्यक्रम दिया गया। क्रमबद्ध धरने के क्रम में आज जनपद पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं अल्मोड़ा के कार्मिकों के द्वारा धरना प्रदर्शन में भाग लिया गया। इनके सहयोगी के रूप में अधिशासी अभियन्ता, निर्माण शाखा एवं अधीक्षण अभियन्ता, निर्माण मण्डल के कार्मिकों के द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक की अध्यक्षता श्री कुशलानन्द उनियाल, पेंशनर्स एसोसियेशन एवं संचालन श्री देवेन्द्र आर्य, डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ द्वारा किया गया।

धरना/प्रदर्शन कार्यक्रम में उपस्थित समिति के अध्यक्ष इं० जितेन्द्र सिंह देव द्वारा बताया गया कि पेयजल निगम को राजकीय विभाग घोषित किया जाये। उक्त व्यवस्था होने तक सेंटेज व्यवस्था समाप्त करते हुए पेयजल निगम कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय का एकमुश्त प्राविधान करते हुए सचिव (पेयजल) के निवर्तन पर रखा जाये तथा प्रत्येक माह 01 तारीख को नियमित रूप से वेतन/पेंशन का भुगतान किया जाये एवं होली त्यौहार को देखते हुए शीघ्र 02 माह का वेतन निर्गत किया जाये।

1. दिनांक 20 फरवरी, 2026 से चल रहे आन्दोलन के क्रम में पूर्व से ही चले आ रहे आन्दोलन का आज तीसरा दिन जारी है, परन्तु अभी तक प्रबन्ध तंत्र एवं शासन-प्रशासन द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गयी है, जिसका कार्मिकों में भारी रोष व्याप्त है।

2. यदि समन्वय समिति की मांगों पर दिनांक 06 मार्च, 2026 तक कार्यवाही नहीं की गयी तो कार्मिक विवश होकर दिनांक 06 मार्च, 2026 से कार्य बहिष्कार की राह पकड़ लेंगे।

3. 11-मोहिनी रोड, देहरादून में कल दिनांक 24.02.2026 को जनपद चम्पावत, चमोली (गोपेश्वर) के कार्मिकों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा तथा उनके सहयोग में देहरादून शाखा, देहरादून एवं निर्माण शाखा, मसूरी के कार्मिक उपस्थित रहेंगे।

आज के धरना कार्यक्रम में अध्यक्ष, जितेन्द्र सिंह देव, विजय खाली, देवेन्द्र आर्य, कवीन्द्र सिंह बिष्ट, हिमानी राय, अभिषेक, ममता पाण्डे, रितेश भट्ट, मोहित कुमार, दीपचन्द आदि वक्तावों ने अपनी बात रखी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *