डिप्लोमा इंजीनियर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जल विद्युत निगम, पेय जल निगम एवं जल संस्थान के इंजीनियर भी हुये शामिल।
देहरादून।डिप्लोमा इंजीनियर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल दिनांक: 23/03/2026 से लगातार 15वें दिन भी जारी। जल विद्युत निगम, पेय जल निगम एवं जल संस्थान के इंजीनियर भी हुये शामिल।
उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित 27 सूत्रीय समस्याओं के समाधान न होने पर प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण के आंदोलन के पश्चात दिनांक 23.03.2026 को महासंघ के सदस्यों द्वारा प्रदेश व्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारम्भ कर दी गयी है। हड़ताल, 15वें दिवस भी प्रबल संख्या बल एवं प्रभावशाली नारो के साथ शाखा डाकपत्थर के सदस्यों द्वारा निरीक्षण भवन डाकपत्थर परिसर के सम्मुख हड़ताल कार्यकम में प्रतिभाग किया गया। हड़ताल कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखण्ड पेयजल निगम के अभियन्ता इं० रविन्द्र कुमार एवं मंच संचालन इं० किशोर कुमार, सिंचाई विभाग द्वारा किया गया।
शाखा अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल एवं कुमांऊ की समस्त 32 शाखाओं में महासंघ के सदस्य हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल कार्यक्रम हेतु महासंघ के 22 घटक संघों द्वारा रणनिति बना दी गयी है। शासन में हुई वार्ता विफल होने के पश्चात महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं० आर० सी० शर्मा द्वारा निर्देशित किया गया कि मांगो पर शासनादेश जारी होने तक आन्दोलन वापस नहीं लिया जायेगा।
साथ ही दिनांक-01.04.2026 से आवश्यक सेवाओं के समस्त अभियात्रिकी विभागों के सदस्य भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर आ गये हैं। सदस्यों का कहना है कि यदि महासंघ की मांगे नहीं मानी गयी, तो महासंघ के समस्त सदस्य अनिश्चितकालीन हडताल को लगातार जारी रखने पर बाध्य होंगे।
प्रमुख मांगें / समस्याएं:-
1. कनिष्ठ अभियन्ताओं की लम्बे समय से अनिस्तारित वेतन विसंगति।
2. डिप्लोमा इंजीनियर्स को कमशः 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा उपरान्त प्रोन्नत वेतनमान (ए०सी०पी०) का
लाभ दिया जाये।
3. वर्ष 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ताओं को प्रथम ए०सी०पी० के रूप में 5400 ग्रेड पे का लाम दिया जाये।
पेयजल निगम एवं जल संस्थान का एकीकरण कर राजकीयकरण किया जाये।
5. डिप्लोमा इंजीनियर्स को सहायक अभियन्ता से उच्चतर पदों पर पदोन्नति हेतु समानान्तर गैलरी का सृजन किया जाये।
6. बाहरी कार्यदायी संस्थाओं को प्रदेश में निर्माण कार्य आवंटित करने पर अंकुश लगाया जाये।
7. वर्ष 2005 के बाद नियुक्त डिप्लोमा इंजीनियर्स को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाये।
8. तीनों उर्जा निगमों में राजकीय विभागों की भांति प्रोन्नति सीमा 40 से बढ़कर 50 प्रतिशत किया जाये।
हड़ताल कार्यकम के 15वें दिवस में उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के शाखा अध्यक्ष इं० संदीप राठौर, शाखा सचिव इं० पुष्कर सिंह, जनपद सचिव सिंचाई विभाग इ० पिंकी तोमर, शाखा अध्यक्ष सिंचाई विभाग इं० धीरेन्द्र सिंह, शाखा सचिव इं० सुशील डोभाल, यू०जे०वि०एन० लिमिटेड के प्रान्तीय अध्यक्ष विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन इं० पंकज सैनी, इ० विरेन्द्र सिंह पंवार, इं० सीमा रानी, इ० साक्षी चौहान, इं० राजेश तिवारी, सिंचाई विभाग से इं० हिमांशु, इं० मकान सिंह नेगी, इं० राजेश कुमार, आदि वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

