उपनल कर्मियों पर परीक्षा की बाध्यता हटाने की मांग, मुख्य महाप्रबंधक डी.के. सिंह बोले— अब नहीं होगी परीक्षा
देहरादून, 5 अगस्त। उत्तराखण्ड जल संस्थान के उपनल कर्मियों को ‘समान कार्य, समान वेतन’ का लाभ देने के लिए प्रस्तावित परीक्षा की बाध्यता समाप्त किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ द्वारा इस संबंध में मुख्य महाप्रबंधक डी.के. सिंह को पत्र भेजकर परीक्षा निरस्त करने की मांग की गई थी।
संघ ने अपने पत्र में कहा था कि मुख्यालय द्वारा 4 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेशों के तहत वैयक्तिक सहायक, सहायक लेखाकार एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर पदों पर कार्यरत उपनल कर्मियों को ‘समान कार्य, समान वेतन’ का लाभ देने के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि इन आदेशों में परीक्षा की शर्त रखी गई थी, जिसका कर्मचारी संघ ने विरोध करते हुए इसे हटाने की मांग की।
इस संबंध में मुख्य महाप्रबंधक डी.के. सिंह ने कर्मचारी संघ को आश्वस्त करते हुए कहा कि उपनल कर्मियों के लिए परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी और उन्हें परीक्षा की बाध्यता से मुक्त रखा जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद उपनल कर्मियों में खुशी का माहौल है।
कर्मचारी संघ ने मुख्य महाप्रबंधक के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे लंबे समय से कार्यरत उपनल कर्मियों को राहत मिलेगी और ‘समान कार्य, समान वेतन’ के सिद्धांत का लाभ बिना किसी अतिरिक्त परीक्षा के मिल सकेगा। संघ ने उम्मीद जताई कि इस संबंध में शीघ्र संशोधित आदेश भी जारी किए जाएंगे।
संघ के प्रतिनिधिमंडल में श्री नंदलाल जोशी( प्रदेश महामंत्री),अजय कुमार, दीपक डबराल, अमित पांडे,संजय भारती,अजय बडोला,संजय शर्मा,कुणाल शर्मा,अशीष डिमरी अमजद खान,आशीष यादव,मनोज कुमार,सिद्धांत शर्मा, मुकेश जोशी एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

