यूआईआईडीबी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, शारदा रिवरफ्रंट की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव नाराज

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यूआईआईडीबी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, शारदा रिवरफ्रंट की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव नाराज

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर परियोजना की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लगभग दस माह में केवल 10 प्रतिशत कार्य प्रगति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी को परियोजना के लिए डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात करने के निर्देश दिए। प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती कार्यस्थल पर ही करने को कहा गया, ताकि कार्यों की लगातार निगरानी हो और मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।

मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी की सभी परियोजनाओं के लिए निर्धारित टाइमलाइन के साथ पर्ट चार्ट तैयार करने और प्रत्येक बैठक में परियोजनावार प्रगति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तय समय के अनुरूप प्रगति नहीं करने वाली परियोजनाओं में देरी के कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।

बैठक में रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने यूपीडीसीसी को अगले पांच वर्षों के लिए संचालन एवं अनुरक्षण हेतु समर्पित टीम विकसित कर कार्यस्थल पर तैनात करने के निर्देश दिए। हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र के लिए अलग-अलग यूनिट गठित करने को भी कहा गया।
कुंभ मेला 2027 को देखते हुए मुख्य सचिव ने प्राथमिकता वाले कार्यों को समयसीमा में हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। सती कुंड से संबंधित कार्य 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए श्रमिकों और शिफ्ट की संख्या बढ़ाने को कहा गया। साथ ही कार्यों की गति के साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
हरिद्वार में चल रहे कार्यों की निगरानी के लिए कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक को हरिद्वार में ही तैनात रहने और परियोजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पार्किंग परियोजनाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार में नए सरफेस, अंडरग्राउंड या मैकेनिकल पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी से लिखित एनओसी ली जाए। साथ ही अन्य विभागों की योजनाओं के साथ पार्किंग परियोजनाओं का समुचित इंटीग्रेशन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यूआईआईडीबी की परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फाइनेंशियल एवं ऑडिट कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव नितेश कुमार झा सहित संबंधित विभागों एवं यूआईआईडीबी के अधिकारी मौजूद रहे।

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