यूपीसीएल में अवर अभियंता पदों पर विभागीय प्रोन्नति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
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यूपीसीएल में अवर अभियंता पदों पर विभागीय प्रोन्नति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने तकनीकी ग्रेड-एक, तकनीकी ग्रेड-दो (विद्युत/लाइन) एवं केबिल ज्वाइंटर के पदों पर कार्यरत कार्मिकों के लिए अवर अभियंता (विद्युत एवं मैकेनिकल) के विभागीय प्रोन्नति हेतु आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा से संबंधित विज्ञप्ति में आंशिक संशोधन किया है।
संशोधित व्यवस्था के तहत निर्धारित शर्तें, अर्हताएं, पात्रता एवं सेवा अवधि पूरी करने वाले कार्मिकों के लिए पात्रता की संशोधित तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। वहीं इच्छुक कार्मिकों को अपने नियंत्रक अधिकारी (अधिशासी अभियंता अथवा उच्च स्तर के अधिकारी) के माध्यम से आवेदन पत्र भेजने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।
यूपीसीएल के अनुसार, जिन कार्मिकों द्वारा पूर्व में अपना आवेदन निगम को भेजा जा चुका है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। विभागीय प्रोन्नति के लिए निर्धारित रिक्तियों के सापेक्ष लिखित वस्तुनिष्ठ परीक्षा आयोजित की जाएगी।
परीक्षा 200 अंकों की और तीन घंटे की होगी। इसमें सामान्य हिंदी के 40, सामान्य अध्ययन एवं तार्किक ज्ञान के 40, तकनीकी ज्ञान के 100 तथा कंप्यूटर ज्ञान के 20 प्रश्न होंगे। प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक मिलेगा, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर पर ¼ अंक की निगेटिव मार्किंग होगी। परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं।
विभागीय प्रोन्नति के लिए 37 प्रतिशत कोटे के अंतर्गत 73 तथा स्थायी डिप्लोमा/डिग्रीधारी कार्मिकों के लिए 3 प्रतिशत कोटे के अंतर्गत 10 पद निर्धारित किए गए हैं। कुल 83 पदों पर चयन किया जाना प्रस्तावित है, हालांकि रिक्तियों की संख्या घट-बढ़ सकती है।
विज्ञप्ति के अनुसार पात्र कार्मिकों की श्रेष्ठता सूची लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। समान अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। सभी श्रेणियों में 25 प्रतिशत रिक्तियों के बराबर प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी, जो परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से एक वर्ष तक वैध रहेगी।
यूपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में शामिल होना मात्र चयन या पात्रता का अधिकार प्रदान नहीं करेगा। अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र एवं शैक्षिक/तकनीकी प्रमाणपत्रों की संबंधित नियंत्रक अधिकारियों द्वारा जांच एवं सत्यापन के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।










