हल्द्वानी में व्यापारी सम्मेलन: सीएम धामी ने कीं आठ बड़ी घोषणाएं, व्यापारियों को राहत देने पर जोर

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हल्द्वानी में व्यापारी सम्मेलन: सीएम धामी ने कीं आठ बड़ी घोषणाएं, व्यापारियों को राहत देने पर जोर

व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

प्रदेशभर से पहुंचे व्यापारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और राज्य की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, प्रत्येक व्यापारी उत्तराखंड के विकास में अपना योगदान दे रहा है। कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। सरकार का प्रयास है कि व्यापारियों को भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण मिले। उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो और अनावश्यक प्रक्रियाओं के कारण उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

व्यापारियों के हित में आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में व्यापारियों को राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

1. आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत: प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

2. उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन: व्यापारियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित होंगी।

3. जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा का प्रचार-प्रसार: दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

4. पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण में सरलता: पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।

5. होमस्टे सुविधाओं का विस्तार: पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।

6. चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग: चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को राहत मिलेगी।

7. बाजारों में सड़क एवं नालियों के निर्माण-मरम्मत को प्राथमिकता: राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों तथा अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों और नालियों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे।

8. व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पंजीकृत श्रमिकों को योजनाओं का लाभ: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा। साथ ही व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा दे रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार, उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। उत्तराखंड में भी व्यापार एवं निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है तथा 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसी क्रम में चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने के उद्देश्य से भूमि चिह्नित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के व्यापारी स्थानीय बाजारों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित करें। इसके लिए अनुकूल व्यावसायिक वातावरण तैयार करना और प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना आवश्यक है।

स्मारिका का विमोचन, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया। साथ ही व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

सम्मेलन में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत एवं सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी विवेक राय सहित व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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