मुख्यमंत्री धामी ने डीएम-एसएसपी के साथ की चार घंटे मैराथन बैठक, लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री धामी ने डीएम-एसएसपी के साथ की चार घंटे मैराथन बैठक, लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश

सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने, एक नवंबर तक खोदी गई सड़कों की मरम्मत और कुंभ-2027 की तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में देर रात तक प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ करीब चार घंटे तक उच्चस्तरीय बैठक कर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं और आगामी त्योहारों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने, पेयजल और सीवर लाइनों के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत एक नवंबर तक पूरी करने तथा हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, जिला योजना के क्रियान्वयन, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन संबंधी कार्यों, राजस्व मामलों के निस्तारण और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी होने चाहिए। अधिकारियों को केवल कागजों पर प्रगति दिखाने के बजाय धरातल पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सड़कों की मरम्मत में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सभी जिलाधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने और लंबित मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान में तेजी लाई जाए और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं स्वयं भी बहुत जल्द पूरे प्रदेश का दौरा सड़क मार्ग से करूंगा। यदि कहीं भी सड़क टूटी हुई मिली या मरम्मत कार्य में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।”

उन्होंने सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधूरे कार्य एक नवंबर तक पूरे कर खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए। त्योहारों के मद्देनजर बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।

त्योहारों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने नवरात्र और आगामी दीपावली पर्व के दृष्टिगत प्रदेशभर में सुरक्षा एवं यातायात के पुख्ता इंतजाम करने को कहा। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों तथा हरिद्वार कुंभ-2027 को देखते हुए इन अभियानों को और प्रभावी बनाया जाए।

धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने संज्ञेय अपराधों के मामलों में नियमानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज कर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

मसूरी-नैनीताल के लिए बनेगी अग्रिम यातायात योजना

शीतकालीन पर्यटन और यात्रा सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए अग्रिम यातायात योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य नगरीय निकायों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने को भी कहा।

राजस्व मामलों में देरी पर रोक लगाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राजस्व से संबंधित मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटवारी और तहसीलदार अपने स्तर पर मामलों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाता सूची से संबंधित कार्यों पर विशेष ध्यान देने और जिला योजना के तहत स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए।

कुंभ-2027 की तैयारियों में तेजी लाने को कहा

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत देने के निर्देश

आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत और सहायता पहुंचाने को कहा। उन्होंने पर्वतीय, दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

ग्रामीण क्षेत्रों और आबादी से सटे इलाकों में भालू, तेंदुए सहित अन्य वन्यजीवों के कारण होने वाली घटनाओं पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा, ताकि जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हर 15 दिन में जिलों का दौरा करेंगे प्रभारी सचिव

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित जनपदों के प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में आवंटित जिले का भ्रमण करें। इस दौरान जिला और विकासखंड स्तर पर विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने और जिम्मेदारी से बचने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल के आयुक्त, दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षक, प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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